साफ-सुथरे मौसम में भी ट्रेनों का बुरा हाल है। ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्री हलाकान हैं। बृहस्पतिवार की शाम को भी सरयू एक्सप्रेस जंक्शन से करीब 4.15 घंटे देर से छूटी। इसके कारण जंक्शन और प्रयाग स्टेशन पर दैनिक यात्रियों ने हो-हल्ला किया। ज्यादा देर होने पर यात्री सड़क मार्ग से रवाना हो गए। संगम और ऊंचाहार एक्सप्रेस भी एक-एक घंटे देर से छूटीं।
मनकापुर से इलाहाबाद आने वाली सरयू एक्सप्रेस सुबह भी करीब चार घंटे देर से आई। अपराह्न करीब 2.30 बजे जंक्शन पहुंचने के कारण सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ से आने वाले तमाम दैनिक यात्री दफ्तर में समय से नहीं पहुंच सके। बताते हैं कि ट्रेन प्रयाग स्टेशन पर दोपहर 12.20 बजे ही पहुंच गई लेकिन जंक्शन पर जगह न होने के कारण प्रयाग स्टेशन पर ही इसे 2.20 बजे तक रोके रखा गया। प्रयाग से जंक्शन के बीच में जौनपुर पैसेंजर करीब डेढ़ घंटे, लखनऊ इंटरसिटी 45 मिनट तक रोके रखा गया। इससे गुस्साए यात्रियों ने हंगामा भी किया। शाम को वापसी में भी सरयू एक्सप्रेस शाम 6.10 बजे के बजाए रात 10.30 बजे रवाना हुई।
इस ट्रेन से मऊआइमा, प्रतापगढ़, चिलबिला, सुल्तानपुर और बीच के स्टेशनों के लिए बड़ी संख्या में दैनिक यात्री चलते हैं। ट्रेन लेट होने से दैनिक यात्री काफी परेशान हुए। उधर, गाड़ी 15483 अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा 21.40 घंटे और गाड़ी 15484 दिल्ली-अलीपुरद्वार महानंदा एक्सप्रेस 22.25 घंटे देर से चलेंगी। 12 मार्च की यह ट्रेनें दोनों ओर से 13 मार्च को छूटेंगी। गाड़ी 12502 पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 10 घंटे की देर से शाम को 18.50 बजे और गाड़ी 13132 आनंद विहार-कोलकाता एक्सप्रेस 11 घंटे देरी से 18.55 बजे जंक्शन पहुंची।