मार्गदर्शक मंडल की बैठक के बाद विहिप शिविर में पत्रकार वार्ता हुई। इसमें जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद, विहिप के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार की मौजूदगी में केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने बताया कि केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल ने दुनियाभर के हिन्दू समाज की धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आवश्यकताओं, चुनौतियों और संकटों के संदर्भ में विचार करते हुए हिन्दू समाज का मार्गदर्शन किया है।
1984 के धर्म संसद से लेकर अयोध्या, मथुरा, काशी के मंदिरों की प्राप्ति के लिए संत समाज, हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद तथा आरएसएस भी संकल्पवद्ध था और आगे भी रहेगा। अयोध्या के बाद काशी और मथुरा पर पूरा ध्यान है। इन सब के साथ भारत के उत्थान के लिए सामाजिक समरसता, पर्यावरण की रक्षा, कुटुंब प्रबोधन से हिंदू संस्कारों का सिंचन आवश्यक है। बताया गया कि विमर्श में हिंदू समाज की धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आवश्यकताएं, चुनौतियां और संकटों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।
मार्गदर्शक मंडल की बैठक में इनकी रही मौजूदगी
आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद, महामंडलेश्वर विश्वात्मानंद भारती, स्वामी चिदानंद मुनि, स्वामी राजेंद्र देवाचार्य, स्वामी कौशल्यानंद गिरि, स्वामी अश्विलेश्वरानंद, स्वामी हरिहरानंद , श्री महंत निर्मोही अखाड़ा राजेंद्र दास, महंत रविन्द्र पुरी, महामंडलेश्वर चूड़ामणि, महामंडलेश्वर जितेंद्रानंद , परमात्मानंद , उदय सिंह जी महाराज, उमेश्नाथ जी महाराज, महामंडलेश्वर आत्मानंद, संग्राम सिंह ,केवलानंद जी सरस्वती, भास्कर गिरि आदि की मौजूदगी रही।