इलाहाबाद (ब्यूरो)। श्रीराम कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में रविवार को सेवा समिति रामबाग में रामकथा का आयोजन हुआ। आचार्य विजय कौशल ने रामनाम की महिमा बखानी। उन्होंने कहा कि कलिकाल में मानस का श्रवण करने से बढ़कर दूसरा पुण्य नहीं है। गोस्वामी तुलसीदास रामचरित मानस के अंत में लिखा है कि ‘एहि कलि काल न साधन दूजा’। सांसारिक दुखों से छुटकारा पाने के लिए कानों से भगवान राम का नाम सुने और मुख से हरिनाम बोले। रामकथा सुनने को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जय सिया राम के घोष से कथा स्थल गूंजता रहा।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों को समर्पित श्रीराम कथा की शुरूआत स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के दीप प्रज्वलन करने से से हुई। उन्होंने राम कथा को मानव जीवन का आदर्श बताया। इस अवसर पर सतुआ बाबा संतोष दास, सांसद केशव प्रसाद मौर्य, विजय मिश्र, मनोज श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति आर.एस. त्रिपाठी, प्रो. रामसेवक दुबे, प्रो. शंकरदयाल द्विवेदी, मनोज , महेश चंद्र चतुर्वेदी, विपिन अग्रवाल, उमेश सिन्हा, आचार्य शांतनु , डॉ. प्रमोद शर्मा, उदित नारायण शुक्ला, प्रमोद शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन जुगल किशोर त्रिपाठी ने किया।