इलाहाबाद हाईकोर्ट में जामा मस्जिद पुताई मामले की सुनवाई हुई। एएसआई की रिपोर्ट के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल की है। कहा कि एएसआई ने वहां-वहां का निरीक्षण किया, जहां पर पुताई की जरूरत नहीं थी। उन स्थानों को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जहां पर पुताई की जरूरत थी।
मस्जिद में पिछले 100 वर्षों से रंगाई पुताई होती रही है। एएसआई ने कभी भी इस पर आपत्ति नहीं की। एएसआई ने मस्जिद कमेटी के आपत्ति पर जवाब दाखिल करने के लिया समय मांगा है। एएसआई के वकील ने कहा कि मस्जिद की पेंटिंग की जरूरत नहीं दिखी है।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई के लिए 10 मार्च की तिथि नियत की है। एएसआई की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मस्जिद में अभी रंगाई-पुताई की जरूरत नहीं है।
28 फरवरी को न्यायालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद के परिसर की सफाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन इसकी पुताई के लिए कोई आदेश पारित नहीं किया था।
मंगलवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो मस्जिद समिति के वकील ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिस पर एएसआई के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
मस्जिद समिति के वकील ने यह भी कहा कि न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में एएसआई की निगरानी में सफाई का काम चल रहा है।