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सलोरी आरओबी निर्माण शुरू होने में फंस सकता है पेच, जमीन तलाशने में प्रशासन के छूट रहे पसीने

Mon, 11 Jan 2021 01:05 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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सलोरी आरओबी निर्माण शुरू - फोटो : अमर उजाला
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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को मम्फोर्डगंज के बलरामपुर हाउस से बघाड़ा सलोरी तक प्रस्तावित 737.525 मीटर लंबे आरओबी के निर्माण के लिए भले ही भूमिपूजन और शिलान्यास कर दिया हो, लेकिन आरओबी का निर्माण शुरू में पेच फंस सकता है। उपरिगामी सेतु के लिए जमीन देने की एवज में सेना शहर में जमीन मांग रही है, जिसको तलाशने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।

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सेना ने इस परियोजना के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली भूमि के बदले भूमि दिए जाने की शर्त रखी है। जिला प्रशासन की ओर से सोरांव में भूमि दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सेना ने उसे शहर से दूर बताते हुए खारिज कर दिया है। सेना शहरी इलाके में भूमि दिए जाने को कह रही है। इसको लेकर प्रशासनिक अफसरों की चिंताएं बढ़ीं हैं, क्योंकि शहरी इलाके में भूमि मिलना मुश्किल हो गया है। फिलहाल प्रशासनिक अफसरों की ओर से कहा जा रहा है कि उनकी ओर से शहरी इलाके में भूमि तलाशी जा रही है। परियोजना में सेना की तकरीबन दो हेक्टेयर भूमि इस्तेमाल होगी। सेना इतनी ही भूमि शहरी इलाके में दिए जाने को कह रही है।

सलोरी आरओबी का निर्माण मम्फोर्डगंज बलरामपुर हाउस के करीब स्थित मजार से शुरू होकर बघाड़ा सलोरी तक होना है। बलरामपुर हाउस के पास का इलाका कैंट का है और यहां सेना के जवानों के आवासीय परिसर बने हुए हैं। आवासीय परिसर के बीच से ही सड़क गई है जो आगे जाकर रेलवे क्रासिंग पार करते हुए बड़ा बघाड़ा सलोरी तक पहुंचती है। ओम गायत्रीनगर इलाके के लोगों का भी इसी रास्ते से आनाजाना है।
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आरओबी का निर्माण भी इसी रास्ते पर पिलर पर होना है। कैंट परिसर होने से सेतु निगम को आरओबी के निर्माण के लिए सेना से सहमति लेनी आवश्यक है। मामले में कई चरणों में सेतु निगम, जिला प्रशासन और सेना के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठकें हो चुकी हैं।

सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि सेना के साथ आरओबी के निर्माण के लिए एक सैद्धांतिक सहमति बन गई है। लेकिन, सेना की ओर से कहा जा रहा है कि जितनी भूमि आरओबी के निर्माण के लिए वह देगी, उतनी ही भूमि उसे दूसरी जगह दी जाए। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि सेना को भूमि मिलने के बाद ही इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

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