पांच माह में खरीदे गए 60 बुलडोजर
यही वजह है कि बीते पांच महीने में ही 60 बुलडोजर खरीद लिए गए। पहले पंजीकृत बुलडोजर 140 के करीब ही थे। अब यह संख्या 204 हो गई है। उधर, मांग को देखते हुए बुलडोजर निर्माता जेसीबी कंपनी ने दाम में करीब तीन लाख रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। ठेकेदारों के मुताबिक, जनवरी माह में जेसीबी की कीमत 28.26 लाख थी, जो अब बढ़कर 31.33 लाख रुपये हो गई है।
लोक निर्माण विभाग में ठेकेदार देशराज सिंह ने बताया कि अब गांवों में निर्माण कार्य कराने, पुराने भवनों को गिराने के लिए लोग मजदूरों के बजाय बुलडोजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे ठेकेदारों में बुलडोजर खरीदने की होड़ लगी है। वहीं एक अन्य ठेकेदार आशीष कुमार का कहना है कि बेरोजगार युवाओं के लिए बुलडोजर कमाई का जरिया है। घर बनाने के लिए नींव खोदना हो या फिर सेफ्टी टैंक का निर्माण कराना हो, लोग किराये पर बुलडोजर ले जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में बुलडोजर की मांग बढ़ी है।
दो महीने में ही बुलडोजर की बदौलत मुक्त कराई एक हजार बीघे से ज्यादा जमीन
आंकड़े बताते हैं कि पिछले सिर्फ दो महीने के अंदर ही जिला प्रशासन ने एक हजार 113 बीघे जमीन को माफिया या अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। जिसकी कीमत छह सौ करोड़ से भी ज्यादा है। इसके लिए अफसरों ने बुलडोजर का ही सहारा लिया और सरकार की मंशा को देखते हुए इसका इस्तेमाल बढ़ने के ही आसार हैं।