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Prayagraj News: पुनरीक्षण कार्यक्रम में हिस्सा न लेने पर 24 बीएलओ का रोका गया वेतन

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त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में हिस्सा न लेने के आरोप में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत) एसडीएम मेजा सुरेंद्र प्रताप यादव ने तहसील क्षेत्र के 24 बीएलओ का सितंबर माह का वेतन या मानदेय रोकने की संस्तुति की है। कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी भेजा है।
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आरोप है कि 19 अगस्त से शुरू हुए पुनरीक्षण कार्यक्रम को तहसील क्षेत्र के 24 बीएलओ ने शुरू ही नहीं किया। इन बीएलओ ने तहसील से पुनरीक्षण कार्य में लगने वानी सामग्री भी नहीं उठाई। एसडीएम ने बताया कि सौंपी गई जिम्मेदारियों में बरती जा रही लापरवाही के आरोप में 24 बीएलओ का वेतन रोक दिया गया है। अगर, कार्य शुरू न किया गया तो एफआईआर भी कराई जाएगी। बीएलओ में औंता की किरन मिश्रा, मोनाई की सीमा सिंह, कोढ़निया की उर्मिला पाल, उरूवा की मंदीपा पटेल, बिगहना की संध्या देवी, बगहा चौकी की प्रियंका सिंह, भंभौरा की प्रतिमा सिंह, अकोढ़ा के प्रदीप कुमार, रैपुरा प्रथम की पुष्पा यादव, सिंगारों के विरेंद्र जैसल, लोटाढ़ की जीत कुमारी, घोरहा के विजय कुमारी, लखनपुर के अखिलेश चंद्र मिश्र, कुखुड़ी के विनोद कुमार, हेमपुर की संगीता बिंद, महेवा कला की उमा देवी, नहवाई की गीता शर्मा, बादपुर की शिवकुमारी, मसौली की सुषमा, गौरैया कला की सुमन तिवारी, फचकरा के लल्कड़ प्रसाद, गिरधरपुर के राम मूर्ति, मांडा द्दितीय के विजय कृष्ण पाण्डेय शामिल हैं। यह बीएलओ आंगनबाड़ी, शिक्षामित्र, नलकूप चालक, रोजगार सेवक हैं। बता दें कि तहसील क्षेत्र में कुल 275 बीएलओ पंचायत चुनाव के पुनरीक्षण कार्यक्रम में लगाए गए हैं। संवाद
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