फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएए को लेकर मुसलमानों के बीच जाएंगे संत

Mon, 20 Jan 2020 09:30 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
नागरिकता कानून - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन
विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में संतों ने केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का समर्थन किया है। विहिप पदाधिकारियों ने कहा है कि इस कानून के समर्थन में संत मुस्लिम समुदाय के बीच जाएंगे। उन्हें बताया जाएगा इस कानून से देश के किसी भी मुसलमान की नागरिकता नहीं जानी है। बेवजह इस कानून का कुछ लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं। मुसलमानों को एक सोची समझी साजिश के तहत भ्रामक जानकारी दी जा रही है। संत समाज सीएए पर सरकार के साथ है। संतों ने देश के तमाम स्थानों पर चल रहे ईसाई धर्मांतरण पर भी नाराजगी जताई। 
विज्ञापन


केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में सीएए पर सभी प्रमुख संतों ने अपने विचार व्यक्त किए। वृंदावन मथुरा के महंत फूलडोल जी महाराज, गोपाल स्वमी महाराज, शाश्वतानंद जी महाराज, तमिलनाडु के स्वामी रामानंद पुरी महाराज आदि ने मार्गदर्शक मंडल सदस्य के रूप में कहा कि सीएए कानून राष्ट्रहित में है। दो सत्र में चली बैठक के बाद विहिप महामंत्री मिलिंद परांडे ने बताया कि इस कानून के समर्थन में संत गांव-गांव जाएंगे। जिन राज्यों में वहां की सरकार इस कानून का विरोध कर रही है, वहां संत अपने आश्रम में सीएए का आवेदन पत्र लोगों से भरवाकर केंद्र सरकार तक सौंपेेंगे।


बैठक में ईसाई धर्मांतरण पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि तमिलनाडु, नागालैंड, केरल एवं पूर्वोत्तर के तमाम राज्यों में तेजी से हिंदु कम हो रहे हैं। उन राज्यों के संतों ने इस विषय पर अपनी चिंता जाहिर की। सैकड़ों संगठन धर्मांतरण में सक्रिय है। तय हुआ कि ऐसे स्थानों पर संत इस तरह के धर्मांतरण का विरोध करेंगे। धर्मांतरण रोकने के लिए संतों का प्रवास देश भर में होगा।
विज्ञापन


इसके पूर्व बैठक में मार्गदर्शक मंडल सदस्यों ने सीएए कानून लाने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। यह प्रस्ताव महामंडलेश्वर हरिहरानंद जी महाराज ने रखा। इसका समर्थन साध्वी शक्ति परिषद की महामंत्री साध्वी प्रज्ञा भारती ने किया। बैठक में विहिप केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य दिनेश, केंद्रीय उपाध्यक्ष जीवेश्वर मिश्र, केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, मंत्री अंबरीश सिंह, प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार के साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि,  स्वामी कन्हैया दास, महंत सुरेशदाज जी महाराज, शंकरानंद जी महाराज, बंधुगौरव ब्रह्मचारी महाराज, संतोष दाज जी महाराज समेत डेढ़ सौ से ज्यादा संत मौजूद रहे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें