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संतों की रक्षा के लिए ही बना बजरंग दल

Sun, 31 Jan 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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बजरंग दल की स्थापना हिंदू संतों, हिंदू मंदिरों की रक्षा के लिए हुई। अपनी स्थापना के बाद से लगातार बजरंग दल हिंदू हितों से जुड़े मामलों को लेकर संघर्ष कर रहा है। रविवार को यह बातें बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक राजेश पांडेय ने माघ मेला स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) शिविर में बजरंग दल काशी प्रांत के कार्यकर्ता अधिवेशन में कही। 
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उन्होंने कहा कि वासुदेवानंद सरस्वती की मौजूदगी में बजरंग द्वारा किए गए विभिन्न आंदोलनों का जिक्र किया। कहा कि वर्ष 1996 में गोहत्या पर एक बड़ा आंदोलन हुआ। उन्होंने माघ मेले में वासुदेवानंद सरस्वती को मेला प्रशासन द्वारा भूमि न दिये जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश की संसद जल्द से जल्द तय कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की पहल करे। 
बजरंग दल कार्यकर्ता भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तैयारी शुरू कर दें। अधिवेशन में सुदामा कुटी आश्रम के महंत लाल बाबा ने ने कहा कि उज्जैन में संतों ने विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया से इस कार्य को कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का निवेदन किया था। अधिवेशन का संचालन सहमंत्री आनंद ने किया। इस मौके पर संकर्षण जी महाराज, मौनी बाबा, विमल प्रकाश, विनोद अग्रवाल, राजन मिश्र, महेश, सुरेश अग्रवाल, सुशील राय, अमित पाठक, विजय पांडेय, अश्वनी मिश्र, शिवम द्विवेदी आदि मौजूद रहे। 
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