लोकतंत्र के महापर्व पर रविवार को संतों ने भी पूरे उत्साह के साथ वोट डाला। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि ने गद्दी परिसर में ही स्थित विचारानंद संस्कृत महाविद्यालय केंद्र पर वोट डाला। उनके साथ मठ के अनेक महंतों और शिष्यों ने भी मतदान किया। इससे पहले मतदान आरंभ होने पर भी वह शिष्यों संग वोट डालने गए थे लेकिन मशीन में गड़बड़ी केकारण उन्हें वहां से लौटना पड़ा था।
अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष तथा निर्मल पंचायती अखाड़े के महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने भी अखाड़े के संतों के साथ मतदान किया। इसी क्रम में पंचदशनाम जूना अखाड़े के मंडल प्रभारी तथा तक्षक तीर्थ पीठाधीश्वर रविशंकर ने भी मतदान करने के साथ अन्य मतदाताओं से भी वोट डालने की अपील की।
वहीं किन्नर अखाड़े की प्रयागराज पीठाधीश्वर टीना मां ने अपने सलमा गुरु और बड़ी संख्या में शिष्यों सहित रविवार को जूनियर हाईस्कूल नगर निगम बैरहना में मतदान किया। कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें लोकतंत्र में जो भी अधिकार मिले हैं, उसका प्रयोग करना चाहिए। किन्नर समाज को और अधिक संरक्षण की जरुरत है जिससे कि वह आत्मनिर्भर हो सके। मोना मां ने भी शिष्यों सहित एमपीवीएम केंद्र पर मतदान किया।