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प्रयागराज में बदले समीकरण में डॉ.रीता जोशी की बढ़ी चुनौती

Mon, 13 May 2019 01:47 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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रीता बहुगुणा और डॉ नीरज बोरा - फोटो : amar ujala
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इलाहाबाद संसदीय सीट पर सीधी लड़ाई के बीच मुकाबला काफी रोचक हो गया है। इस सीट पर 2014 की तुलना में 2.71 फीसदी कम मतदान हुआ है लेकिन इससे पूर्व के कई चुनावों से अधिक वोटिंग हुई है। ऐसे में एक बार फिर मोदी के नाम पर लड़े जा रहे चुनाव में भाजपा को 2014 का इतिहास दोहराने की उम्मीद है लेकिन उस चुनाव में सपा और बसपा उम्मीदवारों को मिले कुल मतों को देखते हुए गठबंधन में उत्साह है। 2014 में सपा और बसपा को अलग-अलग तो भाजपा के श्यामा चरण से कम वोट मिले थे लेकिन मिलाकर एक लाख अधिक मत मिले थे। इसके अलावा अगड़ा-पिछड़ा समेत कई अन्य समीकरण भी हैं जिसे देखते हुए जीत का सेहरा किसे नसीब होने जा रहा है इसका आंकलन चुनावी पंडितों के लिए भी कठिन हो गया है।
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इलाहाबाद में इस बार 50.73 फीसदी मतदान हुआ है। वहीं 2014 में 51.50 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं पूर्व के चुनावों की बात करें तो इससे पहले 1988 लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। 2014 में अधिक मतदान का फायदा भाजपा को हुआ था। ऐसे में इस बार भी 50 फीसदी से अधिक मतदान से भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी खेमा में उत्साह है। खास यह कि विधानसभावार मतदान का ट्रेंड भी 2014 के चुनाव की तरह है। इससे भाजपा उम्मीदों को और बल मिला है लेकिन सपा के राजेंद्र प्रसाद सिंह जीत गठबंधन के भरोसे जीत के प्रति आश्वास्त हैं। 2014 में मिले मतों की बात करें तो भाजपा के श्यामा चरण गुप्त को 3,13,772 मत मिले थे। वहीं सपा के रेवती रमण सिंह को 2,51,763 तथा बसपा की केशरी देवी पटेल को 1,62,073 मत मिले थे।

इस तरह से श्यामा चरण गुप्त 62,004 मतों के अंतर से विजयी हुई थे। सपा और बसपा उम्मीदवाराें को मिलाकर 4,13,836 वोट मिले थे, जो श्यामा चरण से 1,00064 मत अधिक है। इसके अलावा कांग्रेस के नंद गोपाल गुप्ता नंदी को 1,02,453 मत मिले थे। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि इस समय नंदी तथा केशरी देवी भाजपा में शामिल हो चुकी हैं तो श्यामा चरणा सपा में चले गए हैं। इसके अलावा इस बार राजेंद्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाकर सपा ने इस लड़ाई को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने की कोशिश की है। ऐसे में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए योगेश शुक्ला के आने से लड़ाई और दिलचस्प हो गई है।
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2014 और 2018 की तुलना में मतदान
विधानसभा        2014        2019
मेजा            53.85        53
करछना        57.69        52
दक्षिणी            43.36        40.38
बारा            57.81        54.50
कोरांव            56.82        56
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2014 में मिले वोट
वर्ष        भाजपा        सपा            बसपा            कांग्रेस
2014        3,13,772        2,51,763        1,62,073        1,02,453    
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