बद्री नारायण 90 के दशक में कविता लेखन शुरू किया था। उनका पहला कविता संग्रह सच सुने कई दिन हुए 1994 में आया था। इसके बाद शब्दपदीयम, खुदाई में हिंसा और तुमड़ी का शब्द प्रकाशित हुआ। हाल ही में उनकी प्रतिनिधि कविताओं का संकलन -प्रतिनिधि कविताएं -2022 प्रकाशित हुआ है।
उनकी कविताओं में प्रेम, करुणा, भाईचारा, अहिंसा के सर्वकालिक मूल्य उजागर होते हैं। उन्होंने कमजोरों, मजलूमों और पीछे छूट गए समूहों को कविता के जरिए आवाज देने की कोशिश की है। इससे पहले उनको कविता के लिए भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, केदार सम्मान, स्पंदन कृति पुरस्कार, राष्ट्रकवि दिनकर पुरस्कार, शमशेर सम्मान और मीरा स्मृति सम्मान से नवाजा जा चुका है।