जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की कौड़िहार शाखा में जमा आरडी के परिपक्व होने के बाद भी भुगतान नहीं करने पर सेवा में कमी मानी है। ऐसे में सोसाइटी को आरडी में जमा 90 हजार रुपये की रकम और उस पर मिलने वाले ब्याज की गणना कर परिपक्वता राशि का भुगतान दो माह में करने का आदेश दिया है। साथ ही परिपक्वता राशि पर आठ प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज परिवाद दाखिल करने की तारीख से अंतिम भुगतान तक देना का आदेश दिया।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम, सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी और सदस्या सरला की पीठ ने सीता राम मिश्रा के परिवाद पर दिया। अठरामपुर के लेदहा बरा निवासी याची सीता राम मिश्रा का आरोप था कि उन्होंने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की कौड़िहार शाखा में 29 अक्तूबर 2016 को प्रतिदिन 50 रुपये जमा करने वाली आरडी खोली थी।
अवधि पांच वर्ष थी और इसकी परिपक्वता तिथि 28 अक्तूबर 2021 थी। उस समय उन्हें 90,001 रुपये मिलने थे। भुगतान के लिए शाखा में जाने पर कर्मचारियों ने दस्तावेज की प्रतियां लेकर मुख्यालय से रकम आने के बाद 30 दिन में भुगतान करने की बात कही। लेकिन बाद में भी भुगतान नहीं किया गया।
आयोग ने आरडी पासबुक और भुगतान रसीद की छायाप्रतियों के आधार पर माना कि याची ने आरडी में कुल 90,000 रुपये जमा किए थे। आयोग ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव को आर्थिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 5,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 2,000 रुपये भी याची को देने का आदेश दिया।