14 साल से चल रहे एनडीपीएस के मामले में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। 250 ग्राम नशीला पदार्थ डायजापाम रखने के आरोप में अदालत ने उसे 10 माह के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने मामले में जेल में बिताई अवधि को सजा में समाहित करने का भी आदेश दिया है।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट पूनम त्रिवेदी की अदालत ने दिया। कर्नलगंज थाना क्षेत्र निवासी लाल जी यादव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। अभियोजन के अनुसार 18 मार्च 2012 को कर्नलगंज थाने के उपनिरीक्षक पुलिस कर्मियों के साथ शांति व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में निकले थे।
ईश्वर शरण कॉलेज की तरफ से शिव चौराहे की ओर जाते समय पहलवान वीर बाबा तिराहे के पास एक व्यक्ति पुलिस को देखकर अचानक पीछे मुड़कर तेज कदमों से जाने लगा। शक पर पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम लालजी यादव बताया। पुलिस के अनुसार तलाशी में उसके पास से 250 ग्राम नशीला पदार्थ डायजापाम बरामद हुआ।
जेल आख्या के अनुसार आरोपी 19 मार्च 2012 से 19 दिसंबर 2012 तक केंद्रीय कारागार नैनी और 21 जून 2025 से 28 जुलाई 2025 तक जिला कारागार प्रयागराज में निरुद्ध रहा था। अदालत ने उसके जमानतनामे निरस्त कर प्रतिभुओं को दायित्व से उन्मोचित करने का आदेश दिया।