पीएम के आगमन से पहले शुक्रवार को कुंभ मेला क्षेत्र में लगे बैनर-पोस्टर हटाने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान परेड से लेकर संगम क्षेत्र तक राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आध्यात्मिक संस्थाओं के बैनर हटवाए गए। मेला कार्यालय के पास लगे 14 मढ़ी जूना अखाड़े के बैनर को हटाने पर साधु- संतों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान संतों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। विरोध जताने वाले संतों का कहना था कि प्रशासन और सरकार के मंत्रियों के भी बैनर हटाए जाने चाहिए। विवाद बढ़ने पर पास में ही डिप्टी सीएम के बैनर को भी संतों ने हटवा दिया।
कुंभ मेलाधिकारी के निर्देश पर देर शाम मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस ने मेला क्षेत्र में राजनीतिक दलों, संगठनों के पोस्टर हटाने के लिए अभियान चलाया। मेला कार्यालय के पास लगे जूना अखाड़े के हठयोगी रूप गिरि व रमता पंच के बैनर को हटाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जूना अखाड़े के संतों ने बैनर हटाने वाली टीम को घेर लिया। उनका कहना था कि संतों का बैनर फाड़कर फेंकने की बजाए उतरवाया जा सकता था। संत पास में ही लगे डिप्टी सीएम के बैनर को भी हटाने की जिद पर अड़ गए। अंतत: डिप्टी सीएम के बैनर को जब उतारा गया तब साधु नरम पड़े।