वकील की हत्या के बाद बवाल करने वालों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने 500 अज्ञात वकीलों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, बलवा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज करवाई तो जिनके वाहन बवाल की भेंट चढ़ गए, उन्होंने भी सैकड़ों वकीलों पर रिपोर्ट लिखवा दी है। अब तक सिविल लाइंस और कर्नलगंज थाने में वकीलों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। सिपाही अजय नागर को गोली मारने के मामले में भी वकीलों को आरोपी बनाते हुए एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज करवाया है।
वकीलों के खिलाफ छह एफआईआर सिविल लाइंस और नौ कर्नलगंज थाने में दर्ज करवाई गई है। कर्नलगंज में सैकड़ों वकीलों के खिलाफ संभागीय लेखा परीक्षा अधिकारी कानपुर के ड्राइवर रामायन सिंह कुशवाहा, फतेहपुर के स्वराज माजदा के ड्राइवर प्रमोद कुमार तिवारी ने गाड़ियों को आग लगाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई है। सिविल लाइंस में भदोही के जिला कमांडेंट होमगार्ड सत्य प्रकाश सिंह, नैनी के फायरमैन माता प्रसाद मिश्रा तथा चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी ने भी वकीलों के खिलाफ मारपीट और आगजनी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रामायन, प्रमोद की गाड़ियों को कचहरी के पास और सत्य प्रकाश, माता प्रसाद तथा चंद्र प्रकाश की गाड़ियों को हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के समीप आग के हवाले किया गया। तीन मीडिया कर्मियों ने भी वकीलों के खिलाफ कर्नलगंज में रिपोर्ट लिखवाई है।
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस बलवाइयों को चिह्नित करने में जुट गई है। फोटो और मोबाइल से हुई रिकार्डिंग के आधार पर काले कोट में बवाल करते दो दर्जन लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। पुलिस ने सभी का नाम पता जुटा लिया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।