बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कई नए शैक्षणिक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इनमें व्यावसायिक, तकनीकी और एआई आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं। वहीं, जिन पाठ्यक्रमों में छात्र संख्या कम है, उन्हें बंद करने पर भी चर्चा हुई।
इस मामले में रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी डीन एकेडमिक्स एसके पांडे को मिली है। परिषद ने स्नातक स्तर पर बैंकिंग, रिटेल, हेल्थ केयर और पर्यटन प्रबंधन जैसे कई नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रम स्वीकृत किए। सत्र 2026-27 से बीबीए, बीबीए ऑनर्स और बीबीए ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम भी शुरू होंगे।
कुलपति केपी सिंह ने बताया कि पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय के सीएसआईटी विभाग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित तीन नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कुलपति ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को एआई पाठ्यक्रम शुरू करने की सलाह दी है।
प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी एवं आर्काइवल स्टडीज एंड म्यूजियोलॉजी के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। सामाजिक विज्ञान संकाय को 'मास्टर ऑफ सोशल वर्क' उपाधि प्रदान करने का अनुमोदन मिला है। बैठक में डीन एकेडमिक्स एसके पांडे, कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे।
नए व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम मंजूर
होटल प्रबंधन और पर्यटन क्षेत्र के लिए फूड प्रोडक्शन, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी सहित अनेक डिप्लोमा पाठ्यक्रम मंजूर हुए हैं। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग का गठन किया गया है। यह विभाग सत्र 2026-27 से बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस पाठ्यक्रम को संशोधित कर चलाएगा। विधि विभाग के तीन वर्षीय एलएलबी, पांच वर्षीय बीए एलएलबी और एलएलएम साइबर लॉ पाठ्यक्रमों के संशोधित सिलेबस को भी मंजूरी मिली है।
विश्वविद्यालय में चलने वाले कई डिप्लोमा व डिग्री पाठ्यक्रमों में बीते वर्षों में छात्र संख्या बेहद कम रही है। इस पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है, ताकि उन्हें बंद करने पर विचार किया जा सके। दर्शनशास्त्र और शारीरिक शिक्षा विभाग 'भारतीय ज्ञान परंपरा : योगिक विरासत एवं स्वस्थ जीवन' पर दो क्रेडिट का पाठ्यक्रम शुरू करेंगे। 'फिट इंडिया' विषय पर भी दो क्रेडिट का पाठ्यक्रम आरंभ होगा।
बहुभाषी अध्ययन केंद्र ने मंदारिन, जर्मन, स्पेनिश और फ्रेंच भाषाओं के डिप्लोमा पाठ्यक्रम को स्वीकृति दी है। पाली भाषा में स्नातक और परास्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है।