कुंभ के बाद अब एक बार फिर प्रयागराज से राष्ट्रीय स्वयं सेवक हिंदुत्व के मुद्दे को और मजबूत करेगा। सर संघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में 22 और 23 नवंबर को गौहनिया स्थित कालेज में प्रस्तावित बैठक में मंदिर निर्माण केे लिए धन संग्रह के साथ जनजागरण के रास्ते करोड़ों हिंदू परिवारों के घर-घर पहुंचने का रोड मैप तैयार किया जाएगा। इसमें भाजपा और विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा तथा पंचायत को देखते हुए इस बैठक को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुंभ की बैठक में सर संघ चालक ने जल्द राम मंदिर निर्माण की घोषणा की थी। अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ है और संघ ने इसे लेकर जनजागरण अभियान का निर्णय लिया है। इसके तहत निर्धारित मूल्य के कूपन लेकर संघ कार्यकर्ता पूरे देश में हर हिंदू के घर जाएंगे और सहयोग मांगेंगे। कूपन का मूल्य 10 रुपये होगा।
मोहन भागवत
- फोटो : social media
हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अभियान मकर संक्राति यानी, 14 जनवरी से माघी पूर्णिमा (27 फरवरी) तक चलेगा। प्रयागराज में प्रस्तावित पूर्वी क्षेत्र कार्यकारिणी मंडल की इस बैठक में ही जनजागरण अभियान का खाका तैयार करने के साथ कूपन का मूल्य तय होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा और राजस्थान में लव जिहाद का मुद्दा संघ के प्रमुख कार्यों में शामिल है। बैठक में इसकी भी समीक्षा होगी।
संघ के अनुषांगिक संस्था में बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले एक कार्यकर्ता का कहना है कि लव जिहाद का मुद्दा सीधे तौर पर हिंदू जागरण मंच के कार्य से जुड़ा है। विश्वविद्यालय तथा कालेजों में इस तरह के ज्यादा मामले सामने आते हैं। इसलिए इससे विद्यार्थी परिषद को भी जोड़ा गया है। बैठक में विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधियों को शामिल करने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
आमतौर पर इस तरह की बैठकों से भाजपा को दूर रखा जाता है लेकिन इसमें भाजपा के पदाधिकारियों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में इस बैठक को आगामी चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि बैठक में नए क्षेत्र संघ चालक पर भी निर्णय हो सकता है।
कोविड में सेवा, रोजगार देने के अभियान की होगी समीक्षा
संघ ने कोविड संक्रमण में सेवा कार्यों के साथ आत्म निर्भर भारत अभियान की भी शुरुआत की है। इसके तहत लौटकर आए श्रमिकों और मजदूरों को अपने गांव और घर पर ही रोकने की योजना बनाई गई है। आरएसएस से जुड़े लोगों का कहना है कि इस अभियान के तहत मजदूरों को ठेलिया, ट्राली, गुमटी आदि दिए जा रहे हैं। बैठक में समीक्षा के साथ इस काम में और तेजी लाने पर चर्चा होगी। संघ के विचारों से जुड़े लोगों को भी इस अभियान में शामिल करने की रणनीति पर भी इसमें चर्चा होगी। सदस्यों का कहना है कि इससे श्रमिक एवं मजदूर तथा अन्य बेरोजगार अपने जड़ों से तो जुड़े ही रहेंगे, उनका संघ से भी रिश्ता मजबूत होगा।