महाकुंभ शुरू होने के पूर्व रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ कर्मियों को विनम्र व्यवहार का प्रशिक्षण दिया। ताकि, वह शालीनता से पेश आएं। लेकिन, शुक्रवार को डीआरएम ऑफिस में प्रेस वार्ता के लिए पहुंचे कुछ मीडिया कर्मियों से आरपीएफ कर्मियों ने अभद्रता की। उनकी बाइक की हवा तक निकाल दी गई। मामला बढ़ा तो नौबत मारपीट तक आ गई। वहीं, सीनियर डीएससी विजय प्रकाश पंडित ने आरपीएफ के एएससी को जांच सौंपी है।
डीआरएम कार्यालय में मौनी अमावस्या की तैयारियों को लेकर प्रेसवार्ता होनी थी। कार्यालय के बाहर ही पत्रकारों ने बाइक खड़ी कर दी। इसे हटाने को लेकर आरपीएफ कर्मियों से चार मीडिया कर्मियों से बहस की। बात बढ़ी तो उन्होंने बाइकों की हवा निकाल दी। इसके बाद हंगामे के साथ मारपीट की नौबत आ गई। मीडिया कर्मियों का आरोप है कि उन्हें बंधक बनाया गया।
मामला डीआरएम तक पहुंचा तो उनके हस्तक्षेप के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को छोड़ा गया। इस बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाते रहे। आरपीएफ कर्मियों ने कहा कि मीडिया प्रतिनिधियों ने उनके साथ अभद्रता की थी। वहीं, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। आईजी आरपीएफ एएन सिन्हा का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। आरपीएफ की ओर से गलती हुई तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।