ट्रेन जब छिवकी स्टेशन पहुंची तो कृपानाथ बाथरूम जाने के लिए उठे। इस दौरान उन्होंने देखा कि उनका बैग गायब है। यह देखकर उनके होश उड़ गए। कोच में कोई सुरक्षाकर्मी न होने पर उन्होंने इसकी जानकारी अपने बेटे को दी। बेटे ने तत्काल रेलवे के ट्रोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब तक उन्हें कोई अटेंड करता, तब तक ट्रेन छिवकी स्टेशन से बढ़ चुकी थी। ट्रेन जब कटनी पहुंची तो जीआरपीएफ स्टॉफ ने उनको अटेंड किया और बयान दर्ज करते हुए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सलाह दी।
पीड़ित ने बताया कि बैग में 25 लाख रुपये के आभूषण, 75 हजार रुपये नकद व अन्य कागजात थे। वहीं दोपहर को किसी अंजान नंबर से फोन आया कि उनके कागजात से भरा बैग काशी जंक्शन के पास प्लेटफाॅर्म पर पड़ा मिला है। इसपर उन्होंने स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ थाने में उक्त व्यक्ति से जमा कराया। बताया कि बैग में मौजूद डेबिट कार्ड से किसी ने पांच हजार रुपये भी निकाल लिए। मैसेज आने पर उन्होंने अपना एटीएम ब्लाॅक कराया। 17 फरवरी को अस्पताल में डॉक्टर से अप्वाइंटमेंटट था। यहां उनका छोटा बेटा रहता है।