फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज :  भरेबाजार हुई लूट, पुलिस भी असमंजस में, 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं लगा सुराग

Wed, 13 Sep 2023 05:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इस घटना में तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं जिसका जवाब फिलहाल नहीं मिल सका है। खुद भुक्तभोगी भी इस बारे में ज्यादा कुछ बता नहीं पाया। पहला सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम लेकर सीधे अस्पताल जाने की बजाय आखिर वह भीड़भाड़ में क्यों घूमता रहा।
विज्ञापन
घटना की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिविल लाइंस में सरेआम भरेबाजार के बीच से सात लाख की लूट की वारदात से पुलिस भी हैरान है। जिस तरह से बदमाश बड़े आराम से लाखों रुपयों से भरा बैग छीनकर बड़े आराम से भाग निकले, उसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल तमाम बिंदुओं पर जांच के साथ ही पुलिस सर्विलांस के सहारे भी जांच में जुटी है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी नतीजे पर नहीं निकली है।

विज्ञापन


इस घटना में तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं जिसका जवाब फिलहाल नहीं मिल सका है। खुद भुक्तभोगी भी इस बारे में ज्यादा कुछ बता नहीं पाया। पहला सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम लेकर सीधे अस्पताल जाने की बजाय आखिर वह भीड़भाड़ में क्यों घूमता रहा। इसके अलावा जब उसका साथी होम लोन कार्यालय में चला गया तो वह नीचे ही क्यों खड़ा रहा। उसके पास भारी मात्रा में नकदी थी तो वह साथी के साथ ही क्यों नहीं गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक कि जांच पड़ताल में यही बात सामने आई है कि बदमाशों ने किसी तरह के हथियार का इस्तेमाल नहीं किया? तो क्या उन्हें मालूम था कि वह बिना हथियार के ही लाखों रुपये आसानी से लूट लेंगे। ऐसे तमाम सवालों के जवाब पुलिस ढूंढ़ने में लगी है।

विज्ञापन

घटना की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
खंगाली जाएगी सीडीआर

सूत्रों का कहना है कि पुलिस अस्पताल के दोनों कर्मचारियों की भी कॉल डिटेल रिपोर्ट खंगालेगी। दरअसल उनके बयान की तस्दीक के लिए यह बहुत जरूरी है। कॉल डिटेल रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि उनके बयान के अनुसार घटना घटी या नहीं। इसके अलावा घटना से पहले उन्होंने कब किससे संपर्क किया, इसकी भी जांच की जाएगी। उधर घटना के बाद पुलिस अफसरों ने भी दोनों से घंटों पूछताछ की।

बदमाशों को पहचाने जाने का था डर

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि बदमाश हेलमेट पहनकर आए थे। बाइक चलाने वाले व पीछे बैठे उसके साथी दोनों ने हेलमेट लगा रखा था। इससे आशंका यह भी जताई जा रही है कि हो सकता है कि लुटेरे स्थानीय हों और उन्हें पहचाने जाने का डर हो। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
विज्ञापन

बैंक से ही तो नहीं की रेकी?

जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि हो सकता है कि लुटेरे बैंक से ही अस्पतालकर्मियों के पीछे लगे थे। दरअसल प्रह्लाद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बैंक से नकदी लेकर निकलने के करीब 15 मिनट बाद ही यह वारदात हुई। बदमाश सीधे उसके पास आए और बैग पर झपट्टा मारा। यानी उन्हें मालूम था कि नकदी बैग में है। पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें