आरओ/एआरओ प्रश्नपत्र भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। कर्मचारी की मदद से राजीव नयन एंड कंपनी ने सेंध लगाई थी। परीक्षा से आठ दिन पहले ही प्रश्नपत्र प्रेस से बाहर निकाल लिया था। एसटीएफ ने मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरओ/एआरओ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक तो तीन फरवरी को ही हो गया था। यह वह दिन था जब प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया। इसके बाद आठ फरवरी को प्रश्नपत्र सॉल्व कराया गया और फिर उत्तर अभ्यर्थियों को रटवाए गए।
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इसके बाद नौ फरवरी को यह तब वायरल हुआ, जब सुभाष व विशाल ने इसे राजीव नयन मिश्र के पास व्हाट्सएप से भेजा। तीन फरवरी को कर्मचारी सुनील प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र निकाल लाया और फिर इसे अपने कमरे पर रख दिया। इसकी जानकारी उसने विशाल को दी जिसने सुभाष व राजीवनयन तक सूचना पहुंचाई।
अगले चार दिनों तक सभी चुपचाप बैठे रहे। तय योजना के मुताबिक, आठ फरवरी को भोपाल में ही स्थित कोमल होटल में सबसे पहले विशाल अपने साथ संदीप पाण्डेय को लेकर पहुंचा। थोड़ी देर बाद वहां सुनील भी आ गया जो प्रश्नपत्र की 06-06 फोटोकॉपी लेकर पहुंचा था। फिर वहां सुभाष भी आ गया।
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उसने ही गाइड व मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र हल कराया। साथ ही उन अभ्यर्थियों को उत्तर भी रटवाए जिन्हें इसी गैंग के विवेक उपाध्याय और अमरजीत शर्मा लेकर होटल में पहुंचे थे। इस तरह आठ फरवरी को पेपर सॉल्व होने के साथ-साथ अभ्यर्थियों को उत्तर भी रटवाए जा चुके थे।
नौ फरवरी को विशाल व सुभाष ने प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर राजीव नयन के मोबाइल पर व्हाट्सएप से भेज दिया। पेपर मिलने के बाद राजीव नयन को लगा कि वह इसके जरिए ज्यादा पैसे कमा सकता है।
फिर उसने प्रश्नपत्र अपने गैंग के सदस्यों डॉ. शरद सिंह पटेल, सौरभ शुक्ला, अमित सिंह, अरुण कुमार सिंह, कामेश्वर, रवि अत्री व पुष्कर आदि के साथ-साथ अन्य एजेंटों को भेजकर वसूली की और उत्तर रटवाए। इस तरह से प्रश्नपत्र वायरल हो गया।
गैंग में युवती भी शामिल
एसटीएफ अफसरों ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों का एक संगठित गिरोह है। इस गैंग में सरगना राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल की परिचित शिवानी भी सम्मिलित है। शिवानी ही राजीव नयन के पैसों के लेनदेन का काम देखती थी। इस प्रकरण में विवेचना अभी जारी है और कई अन्य नाम भी सामने आने की संभावना है।
नौ फरवरी की रात ही भेज दिया था पेपर
सुभाष प्रकाश का मोबाइल चेक करने पर पता चला कि उसने प्रश्नपत्रों का फोटो खींचकर नौ फरवरी को ही रात 10.31 बजे सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र क्रमांक 4131167 और 10.32 बजे सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र क्रमांक 1398546 अपने गैंग के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भेज दिया था। यह दोनों उसी क्रमांक वाले प्रश्नपत्र हैं, जो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।
इसके बाद राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल ने ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की लालच में वह प्रश्नपत्र अपने गैंग के सदस्यों डॉ. शरद सिंह पटेल, सौरभ शुक्ला, अमित सिंह, अरुण कुमार सिंह, कामेश्वर, रवि अत्री व पुष्कर आदि के साथ-साथ अन्य एजेंटों को भेजकर पढ़वाया और इस तरह से यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
परीक्षा का प्रश्नपत्र छपने के लिए आने पर सूचना देने को कहा था
जांच-पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि मेजा निवासी विशाल प्रिंटिंग प्रेसकर्मी सुनील पर कई महीनों से नजर रखे हुए था। दरअसल, उसे जब पता चला कि उसके साथ का पढ़ा हुआ सुनील प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता है जहां प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र छपाई के लिए आते हैं तो उसने यह बात राजीव नयन एवं सुभाष प्रकाश को बताई। इस पर राजीव नयन ने दोनों से सुनील के संपर्क में रहने के लिए कहा।
यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाली किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र छपने के लिए आने पर उसे फौरन सूचना दें और प्रश्नपत्र आउट कराने के लिए किसी भी हाल में सुनील को तैयार भी करें। इसके बाद से ही विशाल लगातार सुनील के संपर्क में रहने लगा।
इसी दौरान एक दिन उसने सुनील से कहा कि यूपी की किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र छपने के लिए आए तो वह उसे सूचना दे। रुपयों के लालच में सुनील ऐसा करने को तैयार हो गया और जब आरओ-एआरओ का पेपर पहुंचा तो उसे सूचना दे दी। जब विशाल ने उसे लाखों रुपये का ऑफर दिया तब वह पेपर लीक कराने को भी राजी हो गया।