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बढ़ रहा तापमान, पारा 38 डिग्री के पार

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अप्रैल महीने में मंगलवार का दिन सर्वाधिक गरम रहा। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। वहीं रात का न्यूनतम तापमान भी 20 डिग्री के पार दूसरी बार गया है। वातावरण में नमी का घटता स्तर इस बात का संकेत दे रहा है कि अब गर्मी सताने वाली होगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक स्थानीय चक्रवात न सक्रिय हुआ तो पारा लगातार बढ़ेगा।
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एक अप्रैल को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस था। बीते सात दिनों में न्यूनतम तापक्रम में मामूली घटत बढ़त रही लेकिन अधिकतम पारा करीब छह डिग्री छलांग लगा गया। इस बीच हर दिन नमी कम होती दर्ज की गई।
मंगलवार को सुबह से ही सूरज की चमक से धूप चटक रही। अधिकतम तापमान अप्रैल महीने की सर्वाधिक उंचाई 38.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिन में लोगों की आवाजाही आम तौर पर न के बराबर रही। लॉक डाउन के बीच शाम पांच बजे तक धूप चुभने वाली रही। वहीं न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री रहा। इससे पहले दो अप्रैल को न्यूनतम पारा 20.8 डिग्री तक जा चुका है।
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मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक नदियों के तटीय इलाके प्रयागराज में स्थानीय चक्रवात प्रभावी होते हैं। फिलहाल मौसम सूखा रहने और तापक्रम बढ़ने के आसार हैं। इस बीच बादलों का भटकाव कुछ राहत दे सकता है, लेकिन बारिश नहीं होगी। इस बीच धूल भरी आंधी रंग दिखा सकती है। अब तापक्रम बढ़ेगा, गर्मी प्रचंड रूप दिखाएगी।
दिनांक-- अधिकतम तापमान-- न्यूनतम तापमान
एक अप्रैल 20---34.8----18.7
दो अप्रैल 20----35.4----20.8
तीन अप्रैल 20---34.6----19.0
चार अप्रैल 20---35.3----16.0
पांच अप्रैल 20---36.6----17.8
छह अप्रैल 20---38.0----18.8
सात अप्रैल 20---38.2----20.3
बरतें सावधानी, सर्दी जुकाम के मरीज बढ़े
अचानक गरम हुआ मौसम सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए मामूली सर्दी भी भारी पड़ सकती है। सर्दी-जुकाम पीड़ितों को यदि हल्का बुखार आया तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ मुकेश बीर सिंह के मुताबिक छोटे बच्चों में छाती में जकड़न की शिकायत बढ़ी है। जरा सी लापरवाही उन्हें निमोनिया से पीड़ित कर सकता है। बच्चों को पंखे की सीधी हवा से भी बचाना होगा। कुनकुना पानी और ठंडी चीजों से परहेज करें। वहीं वृद्ध रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन पांडेय का कहना है कि बुजुर्गों के लिए यह मौसम खतरनाक है। उनकी बेहतर देखभाल करनी होगी। ताजा सुपाच्य भोजन के साथ उन्हें पीने के लिए हल्का गर्म पानी ही दें। डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में सर्दी-जुकाम पीड़ितों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है।लॉक डाउन में लोग बाहर तो निकल नहीं पा रहे हैं, इसलिए मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर खा रहे हैं, यह स्थिति और खतरनाक है। अधिकतर दवाओं से बलगम निकलने के बजाय जमा हो रहा है, जो बाद में दिक्कत करता है।
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