फोटो नवाबगंज 01 कौड़िहार सब्जी मंडी का दृश्य
बारिश में हरी सब्जी की खेती चौपट हो गई। इसी के साथ अदरक, लहसुन और प्याज के भाव में भी तेजी आई है। इससे बृहस्पतिवार को सब्जी मंडी कौड़िहार में जरूरतमंद लोगों को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ी। अधिक पैसे देने के उन्हें अच्छी सब्जियां नहीं मिली।
जरूरतमंद लोगों को जायका बदलने के लिए और कीमतों चुकानी पड़ी। किसान ओम प्रकाश, शिवराम मौर्य, रोहित मौर्य और राधेश्याम ने बताया कि बारिश का असर हरी सब्जी की खेती पर पड़ा है। खास तौर से मौसमी सब्जी की खेती प्रभावित हुई है। इससे सब्जी के बाजार में तेजी आने से रसोई पर असर पड़ा है।
उमा रानी, सावित्री देवी, ओम प्रकाश मौर्य और संतोष कुमार यादव ने बताया कि सब्जियों के भाव में तेजी आने से घर का बजट गड़बड़ा गया है। होटल और रेस्टोरेंट पर भी व्यंजन महंगे हो गए हैं। बाजार में नई सब्जियों के आने तक भाव में उछाल बना रहेगा।
सब्जी कारोबारी दशरथ लाल पटेल और विजय सिंह ने बताया कि गनीमत है कि अभी हरी सब्जियां मिल रही हैं, अगले सप्ताह बाजार से और कई सब्जियां गायब हो सकती है। सब्जी उत्पादकों के मुताबिक बरसात के मौसम में हरी सब्जियों में दवाएं कम असर कर रही है। इससे उत्पादन प्रभावित हुआ है।
बाजार में सब्जियों का दाम
सब्जियां पहले अब
देशी परवल- 60120
-करेला2060
-भिंडी1530
-तरोई3040
नेनुआ10-30
कद्दू-20-40
-तरोई-25-40
-टिंडो- 40-60
-पालक2060
-बैगन30-60
-कटहल30-40
-बंडा-30-40
-लौकी-1030
-फूल गोभी30-40
-अदरक50-200
-प्याज20-40
-लहसुन-80-200
(नोट : दाम प्रति किलो में)