मंगलवार को यमुना में तेजी से जल प्रवाह बढ़ने लगा। इससे तटीय इलाकों में लोग गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर हो गए। इस दिन गंगा का जलस्तर 77.34 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि, यमुना में प्रवाह तेजी से बढ़ने से चिंता की लकीरें खिंचने लगीं।
गंगा-यमुना के जलस्तर में मंगलवार को तेज वृद्धि शुरू हो गई। पहाड़ों पर लगातार बारिश की वजह से जल दबाव बढ़ गया है। दोनों नदियां पाटों की ओर बढ़ गई हैं। यमुना का प्रवाह संगम से लगे अकबर के किले तक पहुंचने से तीर्थपुरोहितों और फेरी वालों की दिनचर्या पर असर पड़ गया है। इस दिन सैकड़ों दुकानदार और पुरोहित सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ गए। हथिनी कुंड से यमुना में छोड़ा गया 45 लाख क्यूसेक पानी यहां असर दिखाने लगा है।
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मंगलवार को यमुना में तेजी से जल प्रवाह बढ़ने लगा। इससे तटीय इलाकों में लोग गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर हो गए। इस दिन गंगा का जलस्तर 77.34 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि, यमुना में प्रवाह तेजी से बढ़ने से चिंता की लकीरें खिंचने लगीं। घाटों पर कटान भी होने लगी है। जल स्तर बढ़ने के साथ ही फाफामऊ श्मशान घाट पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि रेत समाधि दिए गए शव कटान की वजह से बाहर आकर गंगा में बहने न पाएं।