रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा पर शुक्रवार उनके ही दफ्तर में घुसकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वीरेंद्र बहादुर सिंह ने रायफल तान दी। इससे सीएमओ दहशत में आ गए। सीएमओ पर रायफल तनी देखकर दूसरे कर्मचारी शोर मचाते हुए बाहर भागे। सूचना पाकर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी कर्मचारी दफ्तर की चहारदीवारी फांदकर भाग निकला। पुलिस ने उसकी सपा का झंडा लगी स्कार्पियो सीज कर दी है। बाद में आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही सीएमओ ने उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएम से संस्तुति की है।
हंडिया में खपटिहा गांव निवासी वीरेंद्र बहादुर सिंह जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में कीट संग्रह कर्ता के पद पर तैनात है। वह अर्बन मलेरिया कर्मचारी संघ का अध्यक्ष भी है। बताया जाता है कि उसकी सपा के एक विधायक से घनिष्ठता है। जिसके चलते विभाग में उसकी तूती बोलती है। वह दफ्तर में भी रायफल लेकर आता है और स्कार्पियो से चलता है। शुक्रवार दोपहर सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा अपने दफ्तर में बैठे थे। तभी वीरेंद्र रायफल लेकर केबिन में घुस गया। वह सीएमओ से अपने रिश्तेदार का काम कराने के लिए दबाव बनाने लगा। सीएमओ ने नियमानुसार काम करने की बात कही तो वह भड़क गया और सीएमओ पर रायफल तान दी।
सीएमओ अपने कर्मचारी की हरकत से सहम गए। वहीं दूसरे कर्मचारी शोर मचाते हुए बाहर भागे। सूचना पाकर बेली चौकी प्रभारी सुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे तो आरोपी कर्मचारी भाग निकला था। इस आपाधापी में अपनी स्कार्पियो नहीं ले जा पाया। सीएमओ की तहरीर पर वीरेंद्र बहादुर के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा लिख लिया गया है। एसआई सुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी की स्कार्पियो सीज कर दी गई है। उसकी तलाश की जा रही है। रात में अर्बन मलेरिया कर्मचारी संघ की तरफ से सीएमओ के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने का घेराव किया गया। इंस्पेक्टर कैं ट राकेश अवस्थी ने बताया कि रिश्तेदार का काम न करने पर वीरेंद्र ने सीएमओ पर रायफल तानी थी। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।