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बड़े अंतर से लिया मामूली शिकस्त का बदला

Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर दक्षिणी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने समाजवादी पार्टी प्रत्याशी हाजी परवेज अहमद को 28587 वोट से मात देकर पिछले चुनाव में हार का बदला ले लिया। ब्राह्मण, बनिया, मुस्लिम, दलित बाहुल्य इस इलाके में नंदी को जिस तरह का समर्थन मिला, परवेज को इसका शायद जरा भी अंदेशा नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर और विधानसभा क्षेत्र में नंदी के अपने चुनाव मैनेजमेंट का ही असर रहा कि परवेज उनके आसपास भी नहीं टिक सके। यहां बसपा के माशूक खान तीसरे नंबर पर रहे।
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वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भी मुख्य मुकाबला परवेज और नंदी के बीच था। उस दौरान नंदी बीएसपी के प्रत्याशी थे और परवेज से मात्र 414 वोट से हारे थे, लेकिन इस बार नंदी ने पाला बदल के भाजपा का दामन थाम लिया। जनवरी में नंदी द्वारा केपी कॉलेज मैदान में आयोजित व्यापारी सम्मेलन की सफलता के बाद ही उनके भाजपा में जाने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। बाद में हुआ भी वही। दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी भले 80 हजार के करीब हो, लेकिन तकरीबन 90 हजार ब्राह्मण, 70 हजार बनिया, 20-25 हजार खत्री, 20 हजार कायस्थ मतदाताओं वाले इस क्षेत्र ने नंदी की जीत सुनिश्चित कर दी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की रैली और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो की खास भूमिका रही। परवेज के पक्ष में जितने वोट आए उससे यह भी अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि मुस्लिम बिरादरी का भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक समर्थक नहीं मिला।

अखिलेश-राहुल का रोड शो और मोहम्मद आजम खां की अटाला में हुई जनसभा भी परवेज को नहीं जिता सकी। नंदी के जीत से यह भी साफ हो गया कि परवेज को मुस्लिमों के अलावा दूसरी बिरादरी का वोट न के बराबर मिला। ऐसा इसलिए भी क्षेत्र में करीब 60 हजार दलित मतदाता भी हैं, जिन्हें बसपा का वोट बैंक माना जाता है और मतों के हिसाब से बसपा प्रत्याशी माशूक खान यहां तीसरे नंबर पर रहे।
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भाजपा के टिकट पर विधायक बनने वाले नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने राजनीति की शुरूआत बसपा से की। वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर शहर दक्षिणी से विधायक चुने गए। वर्ष 2012 में भी बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे लेकिन पराजित हो गए। इसके बाद कांग्रेस का दामन थामा और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय सीट से मैदान में उतरे, लेकिन सफलता नहीं मिली। 42 वर्षीय नंदी कई तरह के कारोबार से जुड़े हैं। उनके  ऊपर धोखाधड़ी, चेक बाउंस, धमकी, अवैधानिक सभा समेत अन्य मामलों में सात मुकदमे भी हैं।

जीत का अंतर
28587
00
किसको कितने मिले वोट
नंद गोपाल गुप्ता नंदी (भाजपा)         93011
हाजी परवेज अहमद  (सपा)           64424
माशूक खान           (बसपा)         12162
अकीलुर्रहमान        (पीस पार्टी)          872
सैयद अफजाल मुजीब (एआईएमआई)    868
00
अन्य प्रत्याशी
सतीश केसरवानी 801, शिव सरन 672, आमिर हबीब 583, सविता साहू 429, अनुराग जायसवाल 396, सत्येंद्र कुमार कुशवाहा 277, रामानंद शुक्ला 275, रईस अहमद खान 242, गौरव पांडेय 223, संजय सिंह 209, रमेश चंद्र भारतीय 194, देवेंद्र कुमार तिवारी 183, समर बहादुर शर्मा 168, रमेश चंद्रा 160, कमला प्रसाद 126, शिव प्रसाद वर्मा 123
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विधायक की प्राथमिकताएं
- इस कारोबारी क्षेत्र को जाम की समस्या से दूर करने के लिए सड़कें चौड़ी कराना
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