एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के चुनाव अधिकारी सेवा निवृत्त आईपीएस अफसर प्रमोद कुमार सक्सेना ने बृहस्पतिवार की देर रात इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चुनाव अधिकारी पद के साथ ही ट्रस्ट की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। इसके बाद चुनाव नतीजों से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए वैकल्पिक तौर पर आरक्षित श्रेणी में रखे गए राजेश श्रीवास्तव को चुनाव अधिकारी का दायित्व दिया गया है।
केपी ट्रस्ट के चुनाव में लगातार तीसरी बार निर्वाचन अधिकारी बनाए गए सेवा निवृत्त आईपीएस अफसर प्रमोद कुमार सक्सेना ने रात करीब 10:21 बजे अपने पद और ट्रस्ट की सदस्यता, दोनों से एक साथ इस्तीफा दिया। केपी ट्रस्ट के महामंत्री एसडी कौटिल्य को भेजे त्यागपत्र में उन्होंने अब तक दिए गए प्रेम, सम्मान के लिए केपी ट्रस्ट के सदस्यों का आभार भी जताया है।
उधर, प्रमोद कुमार के इस्तीफे के पीछे विजयी कार्यकारिणी सदस्यों को जीत का प्रमाण पत्र देने में हीलाहवाली को लेकर पैदा हुआ विवाद बताया जा रहा है। दरअसल सदस्यों के निर्वाचन की घोषणा के बाद चुनाव अधिकारी ने जीत का प्रमाण पत्र जारी करने में असमर्थता जता दी। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य कर्मियों के न होने की दशा में शुक्रवार को प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही, लेकिन विजयी सदस्य राजी नहीं हुए और हंगामा करने लगे।
विवाद बढ़ने पर इसकी जानकारी महामंत्री एसडी कौटिल्य को दी गई, तो उन्होंने सदस्य पदों पर विजयी सभी 20 उम्मीदवारों के नाम से प्रमाण पत्र टाइप कराकर अपने पुत्र से मतगणना स्थल पर भिजवाया, लेकिन पीके सक्सेना इसके बाद भी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि जिसने प्रमाण पत्र टाइप कराया है, उसी के हस्ताक्षर से इसे वितरित भी करा दिया जाए। इस दौरान माहौल और गरम हो गया। नोकझोंक और हंगामे के बीच नाराज होकर पीके सक्सेना ने इस्तीफा दे दिया।
कोट
चुनाव अधिकारी पीके सक्सेना ने प्रणाण पत्र जारी करने से मना कर दिया था। टाइप कराकर मैने अपने बेटे से प्रमाण पत्र भिजवाया, तब भी उन्होंने जारी करने के बजाय उसे फड़वा दिया। इसके बाद भी उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया जाता रहा, लेकिन वह नहीं माने। फिर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विकल्प के तौर पर आरक्षित श्रेणी में रखे गए राजेश श्रीवास्तव अब उनकी जगह बाकी काम देखेंगे।
- एसडी कौटिल्य, महामंत्री केपी ट्रस्ट।