फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। स्मैक तस्करी के आरोप में रिफाकत और उसकी पत्नी रेशमा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उनसे सिर्फ 23 ग्राम स्मैक की बरामदगी दिखाई गई है। पिछले दिनों में अन्य तस्करों पर कार्रवाई हुई है, पर बरामदगी कम दिखाने से जमानत आसानी से हो जाती है।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुखबिर की सूचना पर शातिर रिफाकत और पत्नी रेशमा को घर से निकलते ही गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों स्मैक बेचने की डील करने निकले थे। पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया। रेशमा उत्तराखंड के थाना काशीपुर से स्मैक तस्करी के आरोप में आठ बार जेल जा चुकी है। जिला चंपावत के थाना बनवसा से भी वांछित है।
वहीं, रिफाकत पर स्थानीय थाने में 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि दोनों उत्तराखंड से स्मैक खरीदकर लाते हैं। कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र में अपने गुर्गों से फुटकर में बिकवाते हैं। उन्होंने गांव कुरतरा गांव निवासी गुर्गे को स्मैक देने जाने की बात बताई है, उसकी तलाश की जा रही है।
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पहले पति के साथ शुरू किया स्मैक का धंधा
रेशमा के बारे में बताया जाता है कि उसकी पहली शादी काशीपुर निवासी अजहर से हुई थी। वह पूरे उत्तराखंड में अजहर के साथ स्मैक का धंधा करती थी। रिफाकत को भी वह स्मैक को खेप सप्लाई करती थी। इससे उसकी रिफाकत से नजदीकियां हो गईं। जब अजहर स्मैक तस्करी में जेल चला गया तो रेशमा ने रिफाकत से शादी कर ली। दोनों फतेहगंज पश्चिमी में रहकर स्मैक तस्करी करने लगे। रिफाकत शातिर स्मैक के नामी तस्कर शराफत का भतीजा है।
वर्जन
- चर्चित स्मैक तस्करों और उनके गुर्गों पर कार्रवाई जारी रहेगी। स्मैक की बड़ी खेप पकड़ने के लिए भी पुलिस को निर्देश दिए हैं। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी