राज्यकर्मियों को रिटायरमेंट वाले दिन ही सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) का भुगतान किया जा सके, इसके लिए कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) द्वितीय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधान महालेखाकार मनीष कुमार ने प्रदेश भर के वित्त नियंत्रकों को पत्र जारी करते हुए आगामी ढाई वर्षों में रिटायर होने जा रहे कर्मचारियों का ब्यौरा तलब कर लिया है ताकि समय से जीपीएफ की गणना कर भुगतान किया जा सके।
नियम है कि कर्मचारी के रिटायरमेंट से 18 से छह माह पहले ही संबंधित विभाग का आहरण वितरण अधिकारी रिटायर होने जा रहे कर्मचारी का ब्यौरा एजी ऑफिस को उपलब्ध करा दें, लेकिन 95 फीसदी मामलों में ऐसा नहीं हो पाता है। ऐसे में कर्मचारियों को रिटायरमेंट वाले दिन जीपीएफ नहीं मिल पाता है। कई मामलों में तो साल भर तक भुगतान अटका रह जाता है। विभागों की ओर से एजी ऑफिस को देर से ब्यौरा भेजे जाने के कारण जीपीएफ की गणना समय से नहीं हो पाती है और भुगतान में देरी होती है। राजकीय विभागों की इस लापरवाही के कारण प्रदेश सरकार को भी भारी चूना लग रहा है। भुगतान में जितनी देर होगी, सरकार को जीपीएफ पर उतना ब्याज देना पड़ेगा। ऐसे तमाम बिंदुओं को आधार बनाते हुए प्रधान महालेखाकार मनीष कुमार ने प्रदेश भर के वित्त नियंत्रकों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि वे अपने अधीनस्थ आहरण वितरण अधिकारियों को निर्देशित करें कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों से संबंधित ब्यौरा एजी ऑफिस को समय से मिल जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पहली अक्तूबर 2016 से 31 मार्च 2018 के बीच सेवानिवृत्त होने जा रहे कर्मचारियों की सूची सभी विभागों को प्रेषित करते हुए उनका ब्यौरा मांगा है ताकि उनके जीपीएफ की गणना समय से हो और रिटायरमेंट वाले दिन ही भुगतान हो जाए। गौरतलब है कि एजी ऑफिस से तकरीबन दो लाख 75 हजार अभिदाता जुड़े हैं। इनके जीपीएफ का रखरखाव एजी ऑफिस ही करता है। नई व्यवस्था लागू होने पर आगामी ढाई साल में रिटायर होने जा रहे कर्मचारियों को समय से जीपीएफ का भुगतान हो सकेगा।
- एजी ऑफिस ने जीपीएफ संबंधी सभी शिकायतों का ऑनलाइन निस्तारण शुरू कर दिया है। ऐसे में अभिदाताओं को अब एजी ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। कर्मचारी अपनी समस्या या शिकायत महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी)-प्रथम की के ईमेल ‘agaeuttarpradesh1@cag.gov.in’ या प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी)-द्वितीय के ईमेल ‘agaeuttarpradesh2@cag.gov.in’ पर दर्ज करा सकते हैं या फिर फोन नंबर 0532-2622625 से 28, 2623353, 2623354 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट ‘www.agup.cag.gov.in’ भी देख सकते हैं।