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Fraud : सेवानिवृत्त प्रोफेसर से डेढ़ करोड़ की ठगी, नौ के खिलाफ रिपोर्ट, खाता होल्ड होने पर हुई जानकारी

Fri, 15 Sep 2023 05:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जगदीश नारायण पुरवार (71) लोटस अपार्टमेंट ताशकंद मार्ग पर रहते हैं। 2017 में उनके पास दिल्ली से पंकज कपूर नाम के शख्स का फोन आया। उसने खुद को मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस का कर्मचारी बताया। कहा कि उनकी टीम द्वारा विभिन्न फर्मों और कंपनियों में निवेश कराया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर जगदीश नारायण पुरवार के साथ डेढ़ करोड़ की ठगी की गई। दिल्ली के कुछ लोगों ने खुद को मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस से जुड़ा बताकर प्रोफेसर को विश्वास में लिया और उनसे कई जगह डेढ़ करोड़ रुपये निवेश करा लिए। इसी बीच गुजरात में धोखाधड़ी की एफआईआर के बाद उनका खाता होल्ड हो गया।जब उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि जिस फर्म की जांच की जा रही है उसमें भी उनसे निवेश कराया गया था। इसी कारण खाता सीज हुआ है। जब उन्होंने पैसे मांगे तो जालसाजों ने मोबाइल बंद कर लिया। मामले में नौ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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जगदीश नारायण पुरवार (71) लोटस अपार्टमेंट ताशकंद मार्ग पर रहते हैं। 2017 में उनके पास दिल्ली से पंकज कपूर नाम के शख्स का फोन आया। उसने खुद को मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस का कर्मचारी बताया। कहा कि उनकी टीम द्वारा विभिन्न फर्मों और कंपनियों में निवेश कराया जाता है। इसके बाद कई लोगों ने जगदीश नारायण से बात की और उन्हें पूरी तरह से विश्वास में ले लिया।

उन्होंने कई कंपनियों और फर्मों में एक करोड़ 54 लाख 72 हजार निवेश कर दिए। जगदीश नारायण पुरवार का खाता एसबीआई की विश्वविद्यालय शाखा में है। 2022 में बैंक ने उनका खाता होल्ड कर दिया। वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि गुजरात के मेहसाना में इंद्रजीत नाम के व्यक्ति ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। उसमें उनके खाते का जिक्र है। इसी कारण खाते को होल्ड किया गया है।
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जानकारी हुई कि इंद्रजीत के भाई मेहता हंसमुख भाई के खाते में भी 18 लाख निवेश कराए गए थे। जगदीश नारायण समझ गए कि उनके रुपये गलत जगह निवेश कराए गए हैं। उन्होंने पंकज कपूर और उनके असिस्टेंट राजीव दीक्षित को फोन किया। दोनों ने कहा कि गलतफहमी में एफआईआर हुई है। सब ठीक हो जाएगा, लेकिन जगदीश नहीं माने और अपने रुपये वापस मांगे।

इसके बाद उन लोगों ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने तहरीर दी। काफी समय तक जांच हुई। 12 सितंबर को कर्नलगंज थाने में पंकज कपूर, पंकज भदौरिया, राजीव दीक्षित, पूजा लाम्बा, संजीव कुमार, मन्नान लूथरा, एसबीआई के अधिकारी विकास कुमार, मेहता हंसमुख भाई और इंद्रजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

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