काफी दिनों से अवसाद में थे रमाशंकर
रामशंकर काफी दिनों से अवसाद में थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार की शाम को भी नौकर सुभाष अपने घर चला गया था। एचआईजी मकान में रामशंकर अकेले थे। देर रात को उन्होंने मकान के ऊपरी मंजिल के कमरे में नाइलान की रस्सी के सहारे फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी शुक्रवार की सुबह नौकर सुभाष के आने पर हुई। सुभाष ने पुलिस को बताया कि रोज मकान के गेट में भीतर से ताला बंद रहता था लेकिन आज जब वह आया तो गेट की कुंडी का ताला खुला हुआ था।
वह गेट खोलकर ऊपर के कमरे में गया तो सन्न रह गया। बुजुर्ग रामशंकर फांसी पर लटके हुए थे। उसने घटना की जानकारी आस-पड़ोस वालों को दी। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी गई। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बुजुर्ग के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें लिखा है कि मुझे शांति चाहिए, इसलिए मैं अपने जीवन का अंत कर रहा हूं। घटना की जानकारी बुजुर्ग के पुणे में रहने वाले बेटे को दे दी गई थी।
गाय को लाठी से पीटने से मना करने पर पीटा
सरायइनायत थाना क्षेत्र के पहाड़ीपुर गांव में शुक्रवार को गाय को लाठी से पीट रहे बेटे को पिता ने मना किया तो बेटा पिता पर ही हमलावर हो गया। उसने पिता पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिटाई में पिता के हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आई थी। घटना की सूचना मिलने पर पीआरवी तथा 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और गंभीर रुप से जख्मी अधेड़ को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व बाद में बेली अस्पताल में भर्ती कराया। देर शाम तक रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई थी।