21 मार्च 2024 को दिए अपने इस्तीफे में अन्य कारणों से त्यागपत्र देने का उल्लेख किया था। उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल मध्य प्रदेश में इतिहास के प्राध्यापक रहे डॉ. जय प्रकाश खरे को चार मई 2022 को सीएमपी डिग्री कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त करते हुए वहां से कार्यमुक्त किया गया था। प्राचार्य की नियुक्ति पांच वर्ष के लिए की जाती है।
सीएमपी डिगी कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चल रहे प्रो. अजय प्रकाश खरे ने ज्वाइन कर लिया है। गवर्निंग बॉडी के कई फैसलों को लेकर अध्यक्ष से मनमुटाव के कारण प्राचार्य के इस्तीफा देने की चर्चा थी।
विज्ञापन
हालांकि, 21 मार्च 2024 को दिए अपने इस्तीफे में अन्य कारणों से त्यागपत्र देने का उल्लेख किया था। उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल मध्य प्रदेश में इतिहास के प्राध्यापक रहे डॉ. जय प्रकाश खरे को चार मई 2022 को सीएमपी डिग्री कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त करते हुए वहां से कार्यमुक्त किया गया था। प्राचार्य की नियुक्ति पांच वर्ष के लिए की जाती है।
मध्य प्रदेश शासन ने उन्हें दो वर्ष के लिए धारणाधिकार पर कार्यमुक्त करने की अनुमति प्रदान की थी, जो पांच मई 2024 को पूरा हो रहा था। इसके बाद उन्हें आगे का कार्यकाल पूरा करने के लिए सेवा विस्तार मिल जाता लेकिन इससे पहले ही उन्होंने 21 मार्च को गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया और दो वर्ष की समय सीमा पूरी होने का हवाला देते हुए इसे इस्तीफे का कारण बताया।
विज्ञापन
उनके इस्तीफे के साथ ही चर्चा शुरू हुई हो गई कि वह गवर्निंग बॉडी के कुछ निर्णयों से असंतुष्ट थे और इसी बात को लेकर अध्यक्ष से उनका मनमुटाव चल रहा था। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है। चर्चा यह भी थी कि गवर्निंग बॉडी के एक फैसले के तहत प्राचार्य के आवास की चाभी उनसे वापस ले ली गई थी। वहीं, हॉस्टल को लेकर भी गवर्निंग बॉडी और प्राचार्य के बीच मतभेद बना हुआ था।
इस्तीफा देने के बाद से प्रचार्य कॉलेज नहीं आ रहे थे। उप प्राचार्य डॉ. नीता सिन्हा को प्राचार्य का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया था। इस बीच गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने प्राचार्य का इस्तीफा नामंजूर कर दिया, जिसके बाद डॉ. अजय प्रकाश ने ज्वाइन कर लिया है। अध्यक्ष का कहना है कि सीएमपी डिग्री कॉलेज और केपी ट्रस्ट के हित में उन्होंने प्राचार्य का इस्तीफा नामंजूर किया है।