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Prayagraj : भाजपा संगठन में फेरबदल तय, इस कायस्थ या क्षत्रिय बिरादरी को मिल सकती है कमान

Sat, 17 Sep 2022 08:33 AM IST
विनोद सिंह राहुल शर्मा, प्रयागराज

सार

भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी भी जाट बिरादरी के भूपेंद्र चौधरी  को पिछले माह सौंपी है। नए कप्तान के साथ अब प्रदेश, क्षेत्र और जिलों की नई टीम का गठन का होना है। इसमें कई बदलाव संभावित हैं।
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विस्तार
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मिशन-2024 में जुटी भाजपा में पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव तक काशी क्षेत्र के लेकर  जिला और महानगर में अब नए चेहरों को संगठन में महत्व मिल सकता है। पश्चिम यूपी के मुरादाबाद  से प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब  काशी क्षेत्र और संगठन में खासतौर से प्रयागराज, प्रतापगढ़ से किसी को बड़े पद मिलने की संभावना है। महानगर में वैश्य बिरादरी की जगह इस बार कायस्थ या ब्राह्मण बिरादरी के नेता को अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

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भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी भी जाट बिरादरी के भूपेंद्र चौधरी  को पिछले माह सौंपी है। नए कप्तान के साथ अब प्रदेश, क्षेत्र और जिलों की नई टीम का गठन का होना है। इसमें कई बदलाव संभावित हैं। माना रहा है कि अब पार्टी इस फेरबदल में  क्षेत्र से लेकर  जिलों के पदाधिकारी बनाने में सामाजिक समीकरण का पूरा ध्यान रखेगी। वर्तमान टीम से भी कई सदस्यों का जाना तय है, जबकि कुछ को महत्वपूर्ण पदों पर प्रमोशन दिया जा सकता है।

प्रयागराज में  डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को विश्वास में  लेकर ही भूपेंद्र चौधरी तीनों अध्यक्षों के नाम की घोषणा करेंगे। इसके लिए  संघ पदाधिकारियों से भी राय शुमारी ली जा रही है। संगठन की दृष्टि से प्रयागराज तीन जिलों में विभाजित है। यहां महानगर, गंगापार एवं यमुनापार में वर्तमान समय क्रमश: वैश्य, ब्राह्मण एवं अनुसूचित जाति के अध्यक्ष हैं। यह सभी स्वतंत्र देव सिंह द्वारा ही चुने गए थे। माना जा रहा है कि गंगापार से इस बार भी ब्राह्मण एवं यमुनापार से पिछड़ी जाति या एससी कोटे का अध्यक्ष बनाया जा सकता है, जबकि महानगर में सवर्ण कोटे का ही अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

महानगर में वैश्य, क्षत्रिय, ब्राह्मण बिरादरी को मिल चुका है मौका
महानगर में पिछले तीन बार से वैश्य बिरादरी के  अध्यक्ष ही बने हैं। इसमें शशि वार्ष्णेय, अवधेश चंद्र गुप्ता और वर्तमान अध्यक्ष गणेश केसरवानी है। उसके पूर्व महानगर में क्षत्रिय बिरादरी से देवेंद्र सिंह चौहान क्षत्रिय, पिछड़े वर्ग से रणजीत सिंह, ब्राह्मण बिरादरी से राजेंद्र मिश्र, अल्पसंख्यक वर्ग से सुनील जैन अध्यक्ष बन चुके हैं। हालांकि महानगर में अभी किसी कायस्थ को अब तक अध्यक्ष नहीं बनाया गया है। 
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इस बार कई नेता महानगर अध्यक्ष बनने की होड़ में
भाजपा महानगर अध्यक्ष बनने के लिए इस बार भी तकरीबन सभी बिरादरी के नेता अध्यक्ष बनने की होड़ में है। कायस्थ बिरादरी की बात करें तो पार्षद पवन श्रीवास्तव, दो बार महानगर उपाध्यक्ष रह चुके आनंद श्रीवास्तव अध्यक्ष बनने की होड़ में  है। ब्राह्मणों में विनय मिश्र संटू,  कुंज बिहारी मिश्र,  शिवेंद्र मिश्र, क्षत्रिय में विक्रमाजीत सिंह भदौरिया, सुबोध सिंह, अखिलेश सिंह तो वैश्य बिरादरी में पार्षद आशीष गुप्ता, संजय गुप्ता,  आनंद अग्रवाल के नाम लिए जा रहे हैं। इसके अलावा अजय राय,  श्याम चंद्र हेला, पार्षद मनोज कुशवाहा, पार्षद किरन जायसवाल  आदि के नाम भी सुर्खियों में हैं। 
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