मतगणना कार्य में लगे अफसरों, कर्मचारी तथा प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के लिए मुंडेरा परिसर में मोबाइल ले जाने पर रोक तो रहेगी ही, बीड़ी सिगरेट भी नहीं ले जा सकेंगे। आगजनी की आशंका को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्याशियों तथा उनके प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को हुई बैठक में अफसरों ने आयोग के निर्देशों के साथ मतगणना की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया।
इलाहाबाद और फूलपुर लोकसभा के साथ भदोही की दो विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना भी 23 मई मुंडेरा मंडी परिसर में होगी। हर विधानसभा की मतगणना अलग-अलग पांडाल में होगी। हर पांडाल में 14-14 टेबल पर मतगणना होगी। इस कार्य में करीब 800 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इनके अलावा प्रत्येक टेबल के लिए हर प्रत्याशी की ओर से एजेंड भी नियुक्त किए जाएंगे। प्रत्याशी तथा इलेक्शन एजेंड पूरे परिसर में भ्रमण कर सकेंगे। प्रत्याशी तथा एजेंट माचिस, सिगरेट, बीड़ी तथा अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जा सकेंगे।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम बताया कि मुंडेरा मंडी परिसर के दोनों गेट के 400-400 मीटर की दूरी तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अफसरों के वाहन भी नहीं जाएंगे। प्रेक्षक और आरओ ही परिसर में मोबाइल ले जा सकेंगे। अन्य कोई भी मोबाइल नहीं ले जा सकेगा। बैठक में प्रत्याशी तथा उनके इलेक्टशन मौजूद रहे।
मतगणना सुबह सात बजे से शुरू होगी। इसकी शुरुआत पोस्टल मतों से होगी। मतगणना के दिन सुबह आठ बजे तक पहुंचे पोस्टल मतों की गिनती की जाएगी। इसके बाद पहुंचे पोस्टल मत स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रत्याशियों या उनके इलेक्शन एजेंट की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम मतगणना से एक घंटा पहले खुलेगा।
मतदान में आठ बूथों पर बड़ी चूक सामने आई है। इलाहाबाद और फूलपुर दोनों लोकसभा क्षेत्र के चार-चार बूथों पर ईवीएम से मॉक पोल के मत नहीं हटाए गए हैं। हालांकि अफसरों का कहना है कि मतदान कर्मियों ने मॉकपोल की पर्ची हटा ली थी। ऐसे में इन बूथों की मतगणना वीवीपैट से करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति ले ली गई है।
मतदान शुरू होने से पहले प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हर बूथ पर न्यूनतम 50-50 छद्म मत डाले गए। व्यवस्था के तहत सभी छद्म मत उसी समय डिलिट कर दिए जाते हैं। इसके बाद मतदान के लिए ईवीएम सील होता है लेकिन दोनों लोकसभा के चार-चार ईवीएम में छद्म मत नहीं हटाए गए। हालांकि, राहत की बात यह जरूर रही कि वीवीपैट की पर्ची हटाने के बाद ईवीएम सील किया गया।
ऐसे में ईवीएम में वास्तविक मतों की पर्ची बची है। इसलिए इन सभी बूथों पर वीवीपैट से मतों की गिनती की जाएगी। इसके लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति पहले ही ले ली गई है। बुधवार को बैठक में प्रत्याशियों तथा उनके प्रतिनिधियों को भी इससे अवगत कराया गया तथा उनकी सहमति ली गई। इसके अलावा नियमानुसार हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच बूथों की मतगणना भी वीवीपैट से की जाएगी।