गंगा प्रदूषण के मद्देनजर कानपुर के अफसरों ने इलाहाबाद के कमिश्नर बीके सिंह के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की है कि जिन टेनरियों में प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था नहीं है, उन्हें बंद करा दिया गया है। कानपुर में अब तक इस तरह की 98 टेनरीज बंद कराई जा चुकी हैं। फिलहाल रिपोर्ट जो भी हो लेकिन गंगा प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा। उन्नाव के अफसरों ने भी इस मसले पर अपना पक्ष रखा है। कमिश्नर ने बुधवार को कानपुर और उन्नाव सहित इलाहाबाद के अफसरों संग बैठक कर गंगा प्रदूषण के मद्देनजर तमाम दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में शामिल कानपुर के अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी इकाइयों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी कीमत पर क्रोमियम स्लज नदी में नहीं जाना चाहिए। उन्नाव के एसडीएम ने बताया कि नालों को एसटीपी से जोड़ दिया गया है और दो टेक्सटाइल फैक्ट्रियों को बंद करा दिया गया है। ग्लू फैक्ट्री को भी बंद कराने की कार्रवाई की गई है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि उत्तराखंड से निर्धारित मात्रा में जल मिलता रहे तो गंगा का अविलरल प्रवाह बना रहेगा और प्रदूषण में कमी जाएगी। बैठक के दौरान कमिश्नर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इलाहाबाद के क्षेत्रीय अधिकारी एसबी फ्रैंकलिन को निर्देश दिए कि प्रतिदिन डायरी मेंटेन करें और साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर डीएम एवं अपर आयुक्त प्रथम के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
कमिश्नर ने यह रिपोर्ट भी तलब कर ली है कि गंगा प्रदूषण के मद्देनजर गठित जिला समिति की बैठक कब और कहां-कहां हुई। बैठक से संयुक्त निदेशक उद्योग के नदारद होने पर कमिश्नर ने नराजगी जताई और भविष्य में बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने की हिदायत दी। कमिश्नर ने नालों को टैप करने और जालियां लगाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही इस काम की मॉनीटरिंग के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की संयुक्त टीम गठित कर दी।