कमलेश की पत्नी रंजना ने इस मामले में थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रंजना ने जब अधिकारियों से शिकायत शुरू की तो पुलिस ने कमलेश, रंजना और पिता झल्लर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी। रिपोर्ट पवन द्विवेदी की तहरीर पर दर्ज की गई थी। कहा गया कि कमलेश ने पवन से पैसे लिए थे। वापस नहीं कर रहा था। उसमें रंजना पर झूठी तहरीर का आरोप लगाया गया था।
बुधवार को अधिकारियों को यह बात पता चली तो तुरंत कार्रवाई के लिए कहा गया। रंजना की तहरीर पर करछना के अतिरिक्त निरीक्षक मनमोहन मिश्रा, पवन द्विवेदी, मोनू, मोनू द्विवेदी और पप्पू गुप्ता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
पुलिस ने पहले आत्महत्या का प्रयास करने वाले कमलेश और उसके परिजनों पर ही लिख दी थी रिपोर्ट
करछना में ट्रेन के आगे कूदकर जान देने का प्रयास करने वाले कमलेश पटेल की पत्नी की तहरीर पर 28 जून को एफआईआर दर्ज कर ली गई। थाने के अतिरिक्त निरीक्षक मनमोहन मिश्रा के साथ ही चार लोगों को नामजद कर लिया गया। मामले में पुलिस की भूमिका शुरू से ही बेहद शर्मनाक रही। पुलिस ने इस मामले को पैसों के लेनदेन से जोड़कर कमलेश और उसके परिवार वालों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बाद में अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाने के बाद अधिकारियों के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।
करछना के जगौती गांव के रहने वाले कमलेश पटेल की बाइक 14 जून को छीन ली गई थी। इस मामले में कमलेश ने एसडीएम करछना से शिकायत की तो पुलिस से तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। कमलेश एसडीएम के आदेश वाला प्रार्थनापत्र लेकर थाने पहुंचा तो अतिरिक्त निरीक्षक मनमोहन मिश्रा ने आरोपियों पवन द्विवेदी, मोनू द्विवेदी और पप्पू गुप्ता को बुला लिया।
सभी ने मिलकर कमलेश को धमकाया। उसे प्रताड़ित किया। उससे कई सादे पेपरों पर दस्तखत भी करवा लिए। इन्हीं सब बातों से प्रताड़ित होकर कमलेश 19 जून को पंचदेवरा नहर के पास ट्रेन के आगे कूद गया। कमलेश को गंभीर चोटें आईं। एसआरएन अस्पताल में कमलेश भर्ती है।
कमलेश की पत्नी रंजना ने इस मामले में थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रंजना ने जब अधिकारियों से शिकायत शुरू की तो पुलिस ने कमलेश, रंजना और पिता झल्लर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी। रिपोर्ट पवन द्विवेदी की तहरीर पर दर्ज की गई थी। कहा गया कि कमलेश ने पवन से पैसे लिए थे। वापस नहीं कर रहा था। उसमें रंजना पर झूठी तहरीर का आरोप लगाया गया था।
बुधवार को अधिकारियों को यह बात पता चली तो तुरंत कार्रवाई के लिए कहा गया। रंजना की तहरीर पर करछना के अतिरिक्त निरीक्षक मनमोहन मिश्रा, पवन द्विवेदी, मोनू, मोनू द्विवेदी और पप्पू गुप्ता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।