प्रयागराज। परिषदीय विद्यालयों के लिए 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन में 4688 अभ्यर्थी सफल हो गए। इनमें से अधिकतर के दो से पांच अंक बढ़े, जबकि एक अभ्यर्थी ऐसा भी रहा जिसके 22 अंक थे और पुनर्मूल्यांकन के बाद उसे 124 अंक मिले। वहीं याचिकाकर्ता एवं आंदोलनकारी अनिरुद्ध शुक्ला एवं अनूप सिंह न्यूनतम कटऑफ 68 अंक नहीं हासिल कर सके और भर्ती से बाहर हो गए।
सचिव परीक्षा नियामक की ओर से मई 2018 में प्राथमिक विद्यालयों के लिए 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई गई। परीक्षा पूरी होने के बाद 13 अगस्त को सचिव परीक्षा नियामक की ओर से परिणाम घोषित किया गया। परीक्षार्थियों ने तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ. सुत्ता सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। मामला कोर्ट जाने के बाद डॉ. सुत्ता सिंह और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को निलंबित कर दिया गया। छात्रों की मांग पर हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया। पुनर्मूल्यांकन के लिए कोर्ट में याचिका के बाद अंकित वर्मा को 22 अंक के बदले 124 अंक, विमल मिश्रा को 66 अंक के बदले 71 अंक मिले। भीम सिंह को 65 अंक से 69 एवं राजेश पाठक को 66 अंक से 68 अंक मिले। पुनर्मूल्यांकन में दो से पांच अंक हासिल कर शिक्षक भर्ती में तय कटऑफ 68 से अधिक अंक लेकर नौकरी की अर्हता हासिल कर ली।
वहीं पुनर्मूल्यांकन के लिए कोर्ट में याचिका करने वाले अनिरुद्ध शुक्ल के अंक में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। अनिरुद्ध को 66 अंक मिले थे, पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, जबकि अनूप सिंह का 63 अंक से बढ़कर 65 अंक ही हुआ। यह अभ्यर्थी न्यूनतम कटऑफ 68 अंक नहीं मिलने से भर्ती परीक्षा में सफलता नहीं मिली। न्यूनतम कटऑफ नहीं हासिल करने से भर्ती परीक्षा से बाहर हो गए याचिकाकर्ता अनिरूद्घ शुक्ला एवं आंदोलन करने वाले अनूप सिंह ने बुधवार को सचिव परीक्षा नियामक से मिले।