स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने पूर्व सांसद अतीक अहमद को राहत देते हुए उसकी अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेशी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक प्रकरण में आरोप के स्तर पर बचाव पक्ष की बहस नहीं सुन ली जाती है, तब तक अतीक अहमद को व्यक्तिगत रूप से पेश न किया जाए। एक दिन पहले ही अदालत ने अतीक को आरोप तय किए जाने पर सुनवाई के समय हाजिर होने का आदेश दिया था।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद ने अतीक अहमद की ओर से पेश अर्जी पर उनके अधिवक्ता खान शौकत एवं राधेश्याम पांडे तथा अभियोजन को सुन कर दिया। जानलेवा हमले के प्रकरण में स्पेशल कोर्ट ने 27 अक्तूबर को आदेश दिया था कि आरोप तय होने के लिए अभियुक्त अतीक अहमद की कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी आवश्यक है। कोर्ट ने अतीक अहमद को उपस्थित कराने के लिए गृह सचिव को पत्र लिखे जाने का आदेश दिया था।
बुधवार 28 अक्तूबर को अतीक की ओर से प्रार्थनापत्र दिया गया कि उनके अधिवक्ता बहस के लिए उपस्थित नहीं हो पाए थे। आरोप तय होने के पूर्व उन्हें अपना पक्ष रखना है, जिसके लिए बहस होनी है, इसलिए अतीक अहमद पर आरोप तय किए जाने के लिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश किए जाने के आदेश को स्थगित रखा जाए और व्यक्तिगत पेशी से छूट दी जाए। कोर्ट ने बचाव पक्ष की अर्जी मंजूर कर ली है।