इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार उपाध्याय को बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ वाराणसी के ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई 10 वर्ष की सजा को निलंबित कर दिया है। साथ ही दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार उपाध्याय को बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ वाराणसी के ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई 10 वर्ष की सजा को निलंबित कर दिया है। साथ ही दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने आपराधिक अपील पर दिया है। कोर्ट ने आदेश में टंकण त्रुटि को सुधारते हुए यह स्पष्ट किया कि अदालत का मूल आशय केवल सजा को निलंबित करना नहीं था, बल्कि दोषसिद्धि के आदेश के संचालन और प्रभाव को भी स्थगित रखना था। अदालत के समक्ष दायर संशोधन आवेदन पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 22 मई 2026 के आदेश के पैरा-10 में त्रुटिवश केवल सजा निलंबन का उल्लेख दर्ज हो गया था। हाईकोर्ट ने संशोधन आवेदन स्वीकार करते हुए आदेश में आवश्यक सुधार किया और कहा कि मनीष कुमार उपाध्याय की सजा अपील लंबित रहने तक निलंबित रहेगी। साथ ही उनके विरुद्ध दर्ज दोषसिद्धि के आदेश का संचालन और प्रभाव भी स्थगित रहेगा।