विवादों में घिरे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पहली चुनौती पीसीएस जे परीक्षा का परिणाम घोषित करना है। आयोग ने मई तक अंतिम चयन परिणाम घोषित करने के लिए न्यायालय में हलफनामा दिया था लेकिन, अब तक मुख्य परीक्षा का रिजल्ट भी नहीं आ सका है। अगर आयोग इस माह रिजल्ट दे भी देता है तो इंटरव्यू और अंतिम चयन का रिजल्ट तैयार करने में ही कम से कम दो माह का समय लगेगा।
पीसीएस जे के 810 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 16 दिसंबर को प्रयागराज, लखनऊ, मेरठ और आगरा के 141 केंद्रों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए प्रदेश भर से कुल 634 हजार 691 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से 38 हजार 174 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने मई तक अंतिम चयन परिणाम घोषित करने के लिए कोर्ट में हलफनामा दे रखा था, सो प्रारंभिक परीक्षा के 20 दिनों बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया था। प्रारंभिक परीक्ष में 6041 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए आयोग ने उसी दिन मुख्य परीक्षा की तारीख भी निर्धारित कर दी थी।
मुख्य परीक्षा एक माह के भीतर 30, 31 जनवरी एवं एक फरवरी को आयोजित की गई लेकिन मुख्य परीक्षा का परिणाम आयोग चार माह बाद भी घोषित नहीं कर सका है। इस बीच एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का विवाद भी सामने आ गया और आयोग में परीक्षाओं से संबंधित तमाम गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। सामान्य कामकाज जारी रहें, इसलिए आयोग अब कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति भी कर दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि आयोग पीसीएस जे मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही जारी कर सकता है।