औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
4010 सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडेंट की भर्ती में पुलिस भर्ती बोर्ड ने गलत तरीके से लागू क्षैतिज आरक्षण को सुधारते हुए संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। हाईकोर्ट ने बोर्ड को आरक्षण व्यवस्था सही तरीके से लागू कर परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। बोर्ड ने इसका पालन नहीं किया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार को पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से संशोधित परिणाम जारी कर बताया गया कि अदालत के आदेश का पालन कर दिया गया है।
याचिकाकर्ता आशीष कुमार पांडेय के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि संशोधित परिणाम में सामान्य वर्ग के 64 ऐसे अभ्यर्थियों को स्थान मिला है जो पूर्व में गलत आरक्षण के कारण चयनित नहीं हो सके थे। इसी क्रम में पूर्व में चयनित आरक्षित वर्गों के 58 अभ्यर्थियों को बाहर होना पड़ा। इसी प्रकार से पहले प्लाटून कमांडेंट के लिए चयनित हुए 67 अभ्यर्थी अब सब इंस्पेक्टर की सूची में आ गए हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने सुनवाई की।
उल्लेखनीय है कि 4010 दरोगा और प्लाटून कमांडेंट की भर्ती का परिणाम 16 मार्च 2016 को जारी किया गया था। इसमें 183 महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण के तहत सामान्य की सीटों पर चयनित कर लिया गया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका हुई। हाईकोर्ट ने सामान्य सीटों पर दिया गया चयन रद्द करते हुए चयनित महिलाओं को उनके आरक्षित वर्ग के भीतर ही चयन देने का आदेश दिया और उसी के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी करने को कहा। पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस आदेश का पालन नहीं किया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद परिणाम जारी कर दिया गया है।