फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग में चार कंप्यूटर ऑपरेटर्स का विनियमितिकरण रद्द, अभिलेखों से छेड़छाड़ का आरोप

Fri, 18 Jun 2021 09:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात बाबूओं के साथ मिलीभगत कर अभिलेखों में की छेड़छाड़, उसके बाद अपने विनियमितिकरण का जारी कराया आदेश
विज्ञापन
कंप्यूटर - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोक निर्माण विभाग में गलत अभिलेखों के आधार पर विनियमित किए गए चार कंप्यूटर्स ऑपरेटर की विनयमितिकरण को रद्द कर दिया गया है। चारों का विनियमितिकरण एक साथ पिछले महीने अधीक्षण अभियंता द्वारा किया गया था। तब से विभाग में हंगामा मचा था। इन चारों के विनयमित किए जाने से दूसरे संविदा कर्मचारी भी अपने विनियमितिकरण की मांग करने लगे थे। मामला लखनउ तक पहुंचा तो जांच कमेटी बैठ गई। रिपोर्ट के आधार पर चारों के विनियमितिकरण को अवैध पाया गया और विनियमितिकरण के आदेश को रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन


लोक निर्माण विभाग में सैय्यद अब्बास नकवी पुत्र सैय्यद हुसैन नकवी, शबीबुल हसन पुत्र शरीफुल हसन, संजय श्रीवास्तव पुत्र गोविंद शरण श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव पुत्र गोविंद शरण श्रीवास्तव विभाग में 31 दिसंबर 2001 के पहले से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर रहे हैं। लेकिन, विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर का कोई पद सृजित न होने के कारण इनको विनियमित नहीं किया गया। दिसंबर 2015 में इन्हें आउटसोर्स के माध्यम से संविदा पर तैनाती दी गई।

लेकिन, 2021 में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में तैनात बाबुओं से मिलीभगत कर अभिलेखों में छेड़खानी की और अपनी विनियमितकरण करने का आदेश जारी करा दिया। उसी के आधार बाद में इन चारों को कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर विनियमित कर दिया गया। आदेश जारी होने के बाद विभाग में इस मामले में हड़कंप मच गया। क्योंकि, विभाग में कंप्यूटर ऑपरेर्स का कोई पद सृजित ही नहीं है। इन चारों कंप्यूटर ऑपरेटर्स की नियुक्ति कैसे दे दी गई! इन चारों की नियुक्ति अधीक्षण अभियंता के जरिए हुई थी।
विज्ञापन


धीरे-धीरे यह मामला लखनउ तक पहुंच गया। वहां से मामले में जांच बैठा दी गई। इस मामले में पिछले हफ्ते प्रयागराज के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को लखनउ तलब कर पूरा मामले में सभी अभिलेखों और पुराने आदेशों के आधार पर जांच की गई तो विनियमितिकरण गलत पाया गया। इसके बाद मुख्य अभियंता के ओदश पर 14 जून 2021 को अधीक्षण अभियंता एके द्विवेदी ने चारों के विनियमितिकरण को रद्द कर दिया। हालांकि, मामले में अभिलेखों के साथ कूटरचना करने और छेड़छाड़ करने वाले मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाबुओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि प्रयागराज की तरह मेरठ में भी इसी तरह तीन कंप्यूटर्स ऑपरेटर्स को विनियमित किया गया था। विभागीय जानकारी के मुतातिक मेरठ में भी हुए विनियमितिकरण को रद्द कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें