रिफंड में पुराने नोट दे दिए जाने से जंक्शन के रिजर्वेशन काउंटर पर शनिवार को खूब हंगामा हुआ। यहां एक महिला दिल्ली की टिकट निरस्त कराने आई थी। रिफंड के नाम पर बुकिंग क्लर्क ने उसे 500-500 की तीन पुरानी नोट दे दी तो लाइन में लगे अन्य यात्री भड़क गए। यात्रियों का कहना था कि जब केंद्र सरकार ने रेलवे काउंटर पर टिकट की एवज में पुराने नोट 24 नवंबर तक मान्य रखने का निर्देश दिया है तो उसे रेलकर्मी रिफंड में क्यों दे रहे हैं। मामला बढ़ा तो फुटकर पैसे का इंतजाम कर महिला को दिए गए 500 के दो पुराने नोट वापस किए गए, जबकि एक नोट को बाद में बदलने की बात कहकर उसपर हस्ताक्षर किए गए।
जंक्शन पर आठ नवंबर के बाद से रिजर्वेशन करवाने वाले यात्रियों की भीड़ एकाएक बढ़ गई है। 500 और 1000 के पुराने नोट स्वीकार किए जाने की वजह से रिजर्वेशन करवाने वाले अधिकांश यात्री बड़े नोट लेकर ही पहुंच रहे हैं। इसमें रिफंड करवाने वाले यात्रियों की भी संख्या काफी है। शनिवार की दोपहर धूमनगंज की एक महिला प्रयागराज का टिकट रिफंड कराने जंक्शन पहुंची। रिफंड में उसे 1535 रुपये दिए जाने थे। वहां मौजूद महिला क्लर्क ने उसे 500-500 की तीन नोट के साथ बाकी के फुटकर पैसे दिए।
महिला ने 500 की नोट लेने से इनकार कर दिया। उसकी बुकिंग क्लर्क से बहस भी हुई। इस बीच लाइन में लगे अन्य लोग भी भड़क गए। महिला क्लर्क ने फुटकर पैसे न होने का हवाला दिया। महिला यात्री ने बाद में इसकी शिकायत सीआरएस से की। इसके बाद फुटकर पैसे आने के बाद महिला को हजार रुपये दिए गए। शेष के लिए हस्ताक्षर करवाकर बाद में रिफंड देने की बात कही गई। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ बिजय कुमार का कहना है कि केंद्र सरकार का फरमान है कि काउंटर पर बड़े नोट का ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। फुटकर न होने से ही यह बात सामने आई। बाद में फुटकर पैसा आने का बाद महिला को रिफंड कर दिया गया।