लॉक डाउन लगने के पूर्व जिन यात्रियों ने प्रयागराज से विभिन्न शहरों के लिए अपने टिकट बुक करवाए थे, उन्हें विमानन कंपनियां रिफंड नहीं देंगी। डीजीसीए की उलझाऊ गाइड लाइंस की वजह से प्रयागराज समेत प्रदेश के सभी हवाई यात्रियों के करोड़ों रुपये अटक गए हैं। यह वह यात्री हैं जिन्होंने लॉक डाउन लगने से पूर्व अपने टिकट बुक करवाए थे। लॉक डाउन की वजह से इंडिगो समेत कई अन्य विमानन कंपनियां ऐसे यात्रियों को रिफंड की बजाय क्रेडिट नोट दे रही हैं।
लॉक डाउन पार्ट-टू लगने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उषा पाधी ने सभी एयरलाइंस को कोविड-19 के चलते पहले लॉकडाउन की अवधि में भुगतान और निरस्त की गई फ्लाइट के यात्रियों को पूरा रिफंड देने को कहा था। उनके इस आदेश के बाद उन टिकटों का रिफंड भी अटक गया, जिन्होंने घरेलू फ्लाइट से अपनी एक तरफ की यात्रा कर ली है। क्योंकि इस तरह के टिकटों के रिफंड के लिए डीजीसीए ने काई स्पष्ट गाइड लाइन जारी नहीं की है।
साथ ही लॉक डाउन के पूर्व भी जिन लोगों ने एडवांस में टिकट बुक करवाएं थे, वह यात्री भी अब विमानन कंपनियों की ओर से रिफंड देने की बजाय क्रेडिट नोट वाले मैसेज मिलने की बात कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ प्रयागराज से ही लॉक डाउन लगने के पूर्व विभिन्न शहरों के लिए एक हजार से ज्यादा एडवांस टिकट बुक हुए थे। लाउदर रोड के अमित श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने लॉक डाउन लगने के पूर्व बंगलूरू का टिकट बुक करवाया था। लेकिन उन्हें कंपनी की ओर से बताया गया है कि उनका जो किराया लगा है उसी धनराशि से वह अगले एक वर्ष के दौरान देेश में कहीं की भी यात्रा कर सकते हैं।
डीजीसीए ने टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पर लगाई रोक
चार मई से घरेलू उड़ानें शुरू करने और इसके लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पर डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने रोक लगा दी है। डीजीसीए ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। सभी एयरलाइंस कंपनियों से कहा गया है कि अगले आदेश तक उड़ानों के लिए कोई भी बुकिंग न शुरू की जाए। चार मई से उड़ान शुरू करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। दरअसल, कुछ कंपनियों ने चार मई से बुकिंग शुरू कर दी थी। प्रयागराज से भी इंडिगो ने कुछ शहरों के लिए चार मई से बुकिंग शुरू की थी।