बैंकों में नौकरी के लिए 1.01 करोड़ आवेदन लेकिन, घटा क्रेज
0 विगत 10 वर्षों में आवेदकों की संख्या सबसे कम, दो साल पहले हुए थे 1.51 करोड़ आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अन्य सरकारी विभाग भर्तियों की तरह बैंकों में भी नौकरी की चाहत रखने वालों की लंबी कतार है लेकिन, विगत वर्षों से तुलना करें तो बहुत चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। युवाआें में बैंकों में नौकरी को लेकर क्रेज घटा है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सेलेक्शन (आईबीपीएस) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सत्र 2018-19 में विगत 10 वर्षों में सबसे कम आवेदन हुए।
एसबीआई को छोड़कर अन्य बैंकों में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आईबीपीएस की ओर से पिछले वर्ष 580 परीक्षाएं कराई गईं। इनमें 1.01 करोड़ युवाओं ने आवेदन किया। इनमें से करीब 69.37 लाख अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। विगत 10 वर्षों में यह संख्या सबसे कम है। वर्ष 2014-15 और 2016-17 में तो डेढ़ करोड़ से अधिक युवाओं ने बैंकों में भर्ती के लिए आवेदन किया था। युवाओं में घटते क्रेज के पीछे बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की बढ़ती चुनौतियों को कारण माना जा रहा है। काउंसलर पद्मा पांडेय का कहना है कि बैंकिंग सेवा के प्रति लोगों में उत्साह कम हुआ है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि दूसरा अवसर मिलने के बाद करीब एक तिहाई युवाओं ने बैंक की नौकरी छोड़ दी। उनका कहना है कि वेतनमान तुलनात्मक दृष्टि से कम है। इसके विपरीत बैंक में अब लक्ष्य आधारित नौकरी हो गई है। इसके अलावा आर्थिक चूक का खतरा अलग से होता है। इसलिए युवाओं की यह पहली प्राथमिकता नहीं है।
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वर्ष आवेदकों की संख्या परीक्षा में हुए शामिल
(लाख में) (लाख में)
2009-10 104 74
2010-11 132 85
2011-12 141 97
2012-13 105 74
2013-14 101 70
2014-15 154 103
2015-16 127 90
2016-17 151 107
2017-18 109 78
2018-19 101 69.37
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आगामी सत्र की भर्तियों के लिए शुरू है प्रक्रिया
0 आईबीपीएस की ओर से सत्र 2020-21 के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रोबेशनरी ऑफिसर तथा क्लर्कल दोनों ही वर्ग में भर्ती के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। अगले महीने से ऑनलाइन परीक्षाएं संभावित हैं। परीक्षा प्रारंभिक और मुख्य दो स्तर पर होगी। इसके बाद साक्षात्कार होगा। इन तीन चरणों की परीक्षाओं के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। इस आधार पर अलग-अलग बैंक रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्ति कर सकेंगे। यह सूची 31 मार्च 2021 तक के लिए मान्य होगी।