मीरगंज। क्षेत्र में गन्ने की फसल में लाल सड़न रोग लग रहा है। रोग की चपेट में आने से तैयार गन्ना सूख रहा है। इसको लेकर पंतनगर से आए कृषि वैज्ञानिकों ने बुधवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों को फसल बचान के तरीके बताए गए।
लाल सड़न (रेड रॉड) रोग को गन्ने का कैंसर भी कहा जाता है। इस बीमारी की चपेट में आने से गन्ना सूख जाता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है। क्षेत्र के परौरा, हल्दी खुर्द, मसीहाबाद, गहवरा, बहरोली, भिटौरा, एहलादपुर, अनलखिया, मल्लहपुर समेत कई गांवा में गन्ने की 0238 प्रजाति इस रोग की चपेट में है।
बुधवार को इन गांवों में पहुंचे डॉ. विश्वनाथ और डॉ. एसएन तिवारी ने किसानों को लाल सड़न से फसल को बचाने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सूखा हुआ गन्ना खेत से निकालकर बाहर कर देना चाहिए। इसके साथ ही जड़ के पास ब्लीचिंग पाउडर डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित खेत में फसल की पेड़ी न रखें। बोआई के दौरान बीज को उपचारित करने के बाद ही बोआई करें। अधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों में उन्होंने क्षेत्र के करीब 50 गांवों का दौरा किया है। बुधवार को निरीक्षण के दौरान चीनी मिल के यूनिट हेड संजय श्रीवास्तव, आजाद सिंह, विजय शुक्ल, अनिल ढिल्लर, मोइन अहमद आदि मौजूद रहे।