उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में सदस्यों के छह में से चार पद रिक्त पड़े हैं और अध्यक्ष का कार्यकाल भी फरवरी-2023 में पूरा हो चुका है। कोरम पूरा न होने के कारण आवेदन के 10 माह बाद भी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की परीक्षा तिथि घोषित नहीं की जा सकी है।
वहीं, परिषदीय विद्यालयों में भी वर्ष 2018 बाद कोई शिक्षक भर्ती नहीं हुई है। आगामी चुनाव से पहले यह षदीय विद्यालयों में भी शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पास महीनों से एलटी ग्रेड शिक्षक के छह हजार से अधिक पदों का अधियाचन पड़ा है, लेकिन आयोग इस भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं कर रहा है। आने वाले समय में यह भर्ती भी नए शिक्षक सेवा चयन आयोग के जिम्मे होगी।
चयन बोर्ड और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में महीनों से रिक्त पड़े सदस्यों और अध्यक्ष के पदों पर नियुक्ति न किए जाने के पीछे यही कारण माना जा रहा है कि अब नया शिक्षा सेवा चयन आयोग ही लंबित पड़ी शिक्षक भर्तियां पूरी करेगा। शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई भी चल रही है। चर्चा है कि इस माह के अंत में नए आयोग का गठन किया जा सकता है, ताकि चुनाव से पहले लंबित पड़ीं शिक्षक भर्तियां पूरी कराई जा सकें।