सराफा एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि शहर में छोटी-बड़ी तकरीबन दो हजार दुकानें एवं शोरूम हैं। बड़े शोरूम हॉलमार्क वाले आभूषण ही बेच रहे हैं, लेकिन छोटी दुकानों में बमुश्किल ही कारोबारी हॉलमार्क वाले आभूषण बेच रहे हैं।
प्रयागराज ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं गोपी ज्वेलर्स के दिनेश सिंह का कहना है कि प्रयागराज में हॉलमार्क का मुख्य रूप से एक ही सेंटर है। हालांकि, दो और सेंटर खुलने की बात सामने आई है। सेंटर की कमी होने की वजह से व्यापारियों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। बहुत से व्यापारी इसी वजह से अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके हैं।
गुरु नानक ज्वेलर्स के हरेंद्र सिंह लाली सरदार का कहना है कि आने वाले समय में बहुत दिक्कतें आ सकती हैं। खासतौर से ऐसे व्यापारियों को, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में इंसपेक्टर राज हावी हो सकता है। जीएसटी के सर्वे भी तेज हो सकते हैं। प्रयाग ज्वेलर्स एसोसिएशन के महामंत्री ऋषभ रस्तोगी ने कहा कि अगर समस्याओं से बचना है तो व्यापारी हॉलमार्क कोड वाले आभूषणों की ही बिक्री करें।