याची के अधिवक्ता सुनील यादव का कहना था कि याची ने आवेदन के समय निर्धारित समय सीमा में जारी ओबीसी जाति प्रमाणपत्र का विवरण आवेदन में भरा था और दस्तावेजों की जांच के समय ऑनलाइन आवेदन पत्र में संदर्भित जाति प्रमाणपत्र के साथ ही एक अन्य अपडेटेड प्रमाण पत्र जमा किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ओबीसी अभ्यर्थी को सामान्य वर्ग में शामिल कर चयन प्रक्रिया से बाहर करने के मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड से जेल वार्डर भर्ती-2018 के ओबीसी अभ्यर्थी आशुतोष मौर्या का रिकॉर्ड तलब किया है। जेल वार्डर व घुड़सवार पुलिस भर्ती-2018 के ओबीसी अभ्यर्थी आशुतोष मौर्या की याचिका पर न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की एकल पीठ सुनवाई कर रही है।
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याची के अधिवक्ता सुनील यादव का कहना था कि याची ने आवेदन के समय निर्धारित समय सीमा में जारी ओबीसी जाति प्रमाणपत्र का विवरण आवेदन में भरा था और दस्तावेजों की जांच के समय ऑनलाइन आवेदन पत्र में संदर्भित जाति प्रमाणपत्र के साथ ही एक अन्य अपडेटेड प्रमाण पत्र जमा किया था।
जबकि भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थी के अपडेटेड जाति प्रमाणपत्र के आधार पर उसे सामान्य अभ्यर्थी के रूप में मानते हुए ओबीसी आरक्षण का लाभ नही दिया, परिणाम स्वरूप ओबीसी वर्ग की कट ऑफ से ज्यादा अंक हासिल करने के बाद भी अभ्यर्थी को चयन सूची में शामिल नही किया। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती बोर्ड को 6 अक्तूबर को याची आशुतोष मौर्या के चयन संबंधी रिकॉर्ड को पेश करने का निर्देश दिया है।